रायपुर | छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर स्थित सरदार वल्लभ भाई पटेल अंतरराष्ट्रीय हॉकी स्टेडियम में खेले गए ‘खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026’ में मेजबान टीम ने ऐतिहासिक प्रदर्शन किया है। पुरुष हॉकी के तीसरे और चौथे स्थान के लिए हुए निर्णायक मुकाबले में छत्तीसगढ़ का सामना पड़ोसी राज्य मध्य प्रदेश से था। मैच की शुरुआत से ही छत्तीसगढ़ी खिलाड़ी बेहद आक्रामक नजर आए। बेहतरीन तालमेल और सटीक पासिंग के दम पर टीम ने विपक्षी रक्षा पंक्ति को पूरी तरह से तहस-नहस कर दिया। घरेलू दर्शकों के भारी समर्थन के बीच छत्तीसगढ़ की टीम ने मैदान पर अपनी बादशाहत कायम करते हुए विपक्षी टीम पर लगातार दबाव बनाए रखा।
इस हाई-वोल्टेज मुकाबले में छत्तीसगढ़ के फॉरवर्ड खिलाड़ियों ने गोलों की झड़ी लगा दी। टीम ने शानदार फिनिशिंग का मुजाहिरा पेश करते हुए एक के बाद एक कुल 14 गोल दागे। हालांकि मध्य प्रदेश की टीम ने वापसी के कुछ प्रयास किए और 6 गोल करने में सफल रही, लेकिन छत्तीसगढ़ की मजबूत रणनीति और आक्रामक खेल के आगे उनकी एक न चली। 14-6 के विशाल अंतर से मिली इस जीत ने न केवल छत्तीसगढ़ की झोली में कांस्य पदक डाल दिया, बल्कि ट्राइबल गेम्स में टीम के दबदबे को भी साबित कर दिया। मैच खत्म होने की अंतिम सीटी बजते ही पूरा स्टेडियम ‘छत्तीसगढ़िया सबले बढ़िया’ के नारों से गूंज उठा।
अपने घरेलू मैदान पर पदक जीतने के बाद खिलाड़ियों और खेल प्रेमियों के बीच जश्न का माहौल है। रायपुर के खेल विशेषज्ञों का मानना है कि यह जीत प्रदेश की उभरती खेल प्रतिभाओं की कड़ी मेहनत और जुनून का परिणाम है। इस सफलता से न केवल टीम का मनोबल बढ़ा है, बल्कि राज्य के ग्रामीण और जनजातीय क्षेत्रों से आने वाले युवा हॉकी खिलाड़ियों को भी नई प्रेरणा मिली है। खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स में मिली यह उपलब्धि छत्तीसगढ़ के खेल इतिहास में एक स्वर्णिम अध्याय के रूप में दर्ज हो गई है, जो आने वाले समय में राष्ट्रीय स्तर पर राज्य की पहचान को और मजबूत करेगी।

