मेघालय में बनेगा हाई-एल्टीट्यूड प्रशिक्षण केंद्र : मांडविया

शिलांग (मेघालय) 30 मई (वार्ता) केन्द्रीय खेल मंत्री डॉ. मनसुख माडविया ने शनिवार को कहा कि मेघालय में 150 करोड़ रुपये की लागत वाला हाई-एल्टीट्यूड प्रशिक्षण केंद्र बनेगा। डॉ. मांडविया ने आज मेघालय में वर्ष 2027 में आयोजित होने वाले 39वें राष्ट्रीय खेलों की तैयारियों का आकलन करने के लिए एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में मेघालय के मुख्यमंत्री कोनराड संगमा, केंद्रीय खेल राज्य मंत्री रक्षा खडसे, आईओए की अध्यक्ष पी.टी. उषा, मेघालय के खेल मंत्री वैलाडमिकी शिला, पूर्वोत्तर के आठ राज्यों के खेल अधिकारी तथा केंद्रीय युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

मांडविया ने राष्ट्रीय खेलों की तैयारियों की समीक्षा की, शिलांग में बहुउद्देशीय एकीकृत खेल इंडोर हॉल का उद्घाटन भी किया। केंद्रीय मंत्री ने अष्टलक्ष्मी (पूर्वोत्तर) राज्यों में खेल अवसंरचना विकास की प्रगति की भी समीक्षा की। इस अवसर पर डॉ. मांडविया ने कहा, “वर्ष 2027 में मेघालय में आयोजित होने वाले 39वें राष्ट्रीय खेलों के लिए हमारा संदेश स्थिरता और विविधता है राष्ट्रीय खेलों का उपयोग डोपिंग के बारे में जागरूकता फैलाने के अवसर के रूप में भी किया जाना चाहिए। खिलाड़ियों को डोपिंग के प्रभावों के बारे में जागरूक किया जाना चाहिए।”

बैठक के दौरान मंत्री के समक्ष खेल अवसंरचना से संबंधित परियोजनाओं की स्थिति, प्रतियोगिता स्थलों की तैयारियों तथा 2027 में आयोजित होने वाले 39वें राष्ट्रीय खेलों की समग्र तैयारियों के बारे में एक विस्तृत प्रस्तुति दी गई। साथ ही उन्हें परियोजनाओं को पूरा करने की समय-सीमा और विशेष ध्यान देने की आवश्यकता वाले प्रमुख क्षेत्रों की जानकारी भी दी गई। डॉ. मांडविया ने यह भी घोषणा की कि मेघालय में शीघ्र ही 150 करोड़ रुपये की लागत से एक अत्याधुनिक, विश्वस्तरीय हाई-एल्टीट्यूड प्रशिक्षण केंद्र स्थापित किया जाएगा।

मेघालय के मुख्यमंत्री कोनराड संगमा की सराहना करते हुए डॉ. मनसुख मांडविया ने कहा कि उनके नेतृत्व में पिछले आठ वर्षों के दौरान राज्य ने खेल क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति हासिल की है। डॉ. मांडविया ने कहा, “उन्होंने मेघालय में खेल संबंधी इकोसिस्टम को सुदृढ़ बनाने के लिए व्यापक और दूरदर्शी प्रयास किए हैं। खेल विज्ञान और आधुनिक प्रशिक्षण पद्धतियों को बढ़ावा देने से लेकर प्रतिभा पहचान और जमीनी स्तर पर खेल विकास कार्यक्रमों की मजबूत व्यवस्था स्थापित करने तक, मुख्यमंत्री ने अन्य राज्यों के लिए एक नया मानदंड स्थापित किया है। मैंने मेघालय में 39वें राष्ट्रीय खेलों के लिए चल रहे अवसंरचना विकास के कार्यों और तैयारियों की प्रगति की समीक्षा की है, और मैं पूरे विश्वास के साथ कह सकता हूँ कि राष्ट्रीय खेल 2027 इस आयोजन के इतिहास में एक नया मानदंड स्थापित करेंगे।”

उन्होंने कहा, “आज पूर्वोत्तर क्षेत्र में भारत की कुल जनसंख्या का केवल लगभग 4 प्रतिशत हिस्सा रहता है, इसके बावजूद देश के कुल खेलो इंडिया केंद्रों में से लगभग 25 प्रतिशत इसी क्षेत्र में स्थित हैं। यह पूर्वोत्तर की अपार खेल क्षमता को विकसित करने के प्रति भारत सरकार की मजबूत प्रतिबद्धता को दर्शाता है। देश के अधिकांश जिलों में जहाँ एक खेलो इंडिया केंद्र स्थापित है, वहीं पूर्वोत्तर के कई जिलों में दो-दो केंद्र उपलब्ध कराए गए हैं, ताकि खिलाड़ियों को प्रशिक्षण, कोचिंग और जमीनी स्तर पर खेल विकास के बेहतर अवसर मिल सकें। यह क्षेत्र की खेल प्रतिभाओं को निखारने और एक सशक्त खेल इकोसिस्टम विकसित करने की दिशा में हमारे केंद्रित प्रयासों को दर्शाता है।”

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