
ग्वालियर। मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय की युगल पीठ ने ग्वालियर, भिंड और मुरैना में दूध व डेयरी उत्पादों में मिलावट रोकने में लापरवाही पर खाद्य सुरक्षा अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई है। कोर्ट ने कहा कि यह क्षेत्र मिलावट से गंभीर रूप से प्रभावित है, जिससे लोगों के स्वास्थ्य पर खतरा है, लेकिन सरकार ने अब तक ठोस कदम नहीं उठाए। अदालत ने उप निदेशक किरण सिंह पर 25,000 रुपए का जुर्माना लगाया और आदेश खाद्य सुरक्षा आयुक्त को भेजा है। किरण सिंह ने अपने स्थानांतरण के खिलाफ दलील दी कि जनवरी-जून 2025 में उन्होंने 105 मामले दर्ज किए, लेकिन कोर्ट ने सवाल उठाया — “2021 से अब तक ठोस कार्रवाई क्यों नहीं हुई?”
कोर्ट ने साफ कहा — स्थानांतरण प्रशासनिक अधिकार है, जिसे तभी रद्द किया जा सकता है जब दुर्भावना या मनमानी साबित हो।
