
ग्वालियर।चकरी मेला सहित अन्य ग्रामीण परिवेश की कलाओं एवं खेल प्रतियोगिताओं के आयोजन से लोकपरंपराओं को प्रोत्साहन हेतु नगर निगम ग्वालियर द्वारा विशाल चकरी मेले का आयोजन स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स जेसी मिल स्कूल के पीछे बिरला नगर पर आयोजित किया गया जिसमें कलाकारों ने हैरतअंगेज प्रदर्शन करते हुए सभी का मन मोह लिया। चकरी मेले में सभापति मनोज सिंह तोमर, नेता प्रतिपक्ष हरिपाल, लोक लेखा समिति के अध्यक्ष अनिल सांखला, एमआईसी सदस्य शकील मंसूरी, पार्षद श्रीमती मीरा मानसिंह राजपूत, महेन्द्र आर्य, मनोज राजपूत, देवेन्द्र राठौर, वरिष्ठ नेता हरीबाबू शिवहरे, रामअवतार वैश्य, क्षेत्रीय अधिकारी रामसेवक शाक्य सहित बडी संख्या में खेल प्रेमी उपस्थित रहे।
हजीरा स्थित स्पोर्ट्स कांपलेक्स में आयोजित लोक कला महोत्सव के रूप में मनाए जाने वाले इस मेले के प्रारंभ में अतिथियों का स्वागत माला पहनाकर किया गया। इस अवसर पर सभापति मनोज सिंह तोमर ने कहा कि सिंधिया रियासत से चालू हुआ परंपरागत एतिहासिक चकरी मेला का आयोजन अब ग्वालियर नगर निगम करता है। मेले में छोटे-छोटे बच्चों से लेकर हर उम्र के खिलाड़ी अपने खेल का प्रदर्शन करते हैं। मेले में खिलाड़ियों ने प्रदर्शन के दौरान ताकत के साथ-साथ कला, कौशल एवं एकाग्रता सभी का इस्तेमाल हो रहा है। साथ ही कहा कि ग्रामीण परिवेश के खेलों को बढावा देने एवं युवा पीढी को जानकारी देने के लिए इस प्रकार के आयोजन निगम द्वारा हमेशा किए जाते हैं।
इस मेले में और भव्यता आए इसके लिए एक स्थान निश्चित किया जाएगा। इसके साथ ही खिलाड़ियों के दिए जाने वाली प्रोत्साहन राशि भी बढ़ाई जाएगी, साथ ही मेला भव्य स्वरूप प्राप्त करें इसके लिए पहले से ही बड़े स्तर पर प्रचार प्रसार किया जाएगा।
नेता प्रतिपक्ष हरिपाल ने कहा कि चकरी मेले के माध्यम से कलाकारों को अपना हुनर दिखाने का अवसर मिला। मेले के माध्यम से जो कलाएं विलुप्त हो चुकी हैं उनको आगे बढ़ने का कार्य किया जा रहा है।
मेले में विभिन्न प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। जिसमें चकरी प्रतियोगिता आयोजित की गई। इसके साथ ही सुदर्शन चक्र घुमाने की प्रतियोगिता, कलाकारों द्वारा 160 किलो की हसली गर्दन से उठाई गई। प्रतियोगिता के अंत में अव्वल आने वाले प्रतियोगियों को प्रोत्साहन स्वरुप पुरूस्कार प्रदान किए गए।
चकरी घुमाने की प्रतियोगिता में प्रथम पुरूस्कार गत वर्ष के विजेता दिनेश राठौर को प्रदान किया गया। वहीं इस वर्ग में द्वितीय पुरस्कार पवन राठौर को मिला।
