बेरूत, 03 सितंबर (वार्ता) संयुक्त राष्ट्र ने दक्षिणी लेबनान में अपने शांति सैनिकों पर इजराइली ड्रोन हमले की निंदा की और इसे पिछले नवंबर में हुए युद्ध विराम समझौते के बाद से अपने कर्मियों तथा संपत्तियों को निशाना बनाकर की गयी सबसे गंभीर घटनाओं में से एक बताया है।
संयुक्त राष्ट्र की ओर से बुधवार को जारी बयान में कहा गया है कि शांति सैनिकों और उनकी संपत्तियों को खतरे में डालने वाली या उनके निर्धारित कार्यों में हस्तक्षेप करने वाली कोई भी कार्रवाई अस्वीकार्य है और प्रस्ताव 1701 तथा अंतर्राष्ट्रीय कानून का गंभीर उल्लंघन है।
बयान में यह भी कहा गया है कि सुरक्षा परिषद के शांति सैनिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी इजरायल रक्षा बल (आईडीएफ) की है।
गौरतलब है कि आईडीएफ के ड्रोनों ने मंगलवार सुबह लेबनान में संयुक्त राष्ट्र अंतरिम बल (यूएनआईएफआईएल) के शांति सैनिकों के पास चार ग्रेनेड गिराये। शांति सैनिक ब्लू लाइन के पास संयुक्त राष्ट्र के एक ठिकाने तक पहुँचने में बाधा डाल रहे अवरोधों को हटा रहे थे। एक ग्रेनेड संयुक्त राष्ट्र कर्मियों और वाहनों के 20 मीटर के दायरे में गिरा, जबकि तीन अन्य लगभग 100 मीटर के दायरे में गिरे।

