इस्लामाबाद (वार्ता) पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने सिंधु जल संधि (आईडब्ल्यूटी) को लेकर भारत को धमकी देते हुए कहा है कि ”दुश्मन” को उनके देश के पानी की एक बूंद भी नहीं लेने दी जाएगी।
समाचार पत्र डॉन की रिपोर्ट के अनुसार श्री शरीफ ने इस्लामाबाद में एक समारोह में कहा, ”दुश्मन (भारत) पाकिस्तान से पानी की एक बूंद भी नहीं छीन सकता। आपने हमारा पानी रोकने की धमकी दी थी। अगर आपने ऐसा करने की कोशिश की तो पाकिस्तान आपको ऐसा सबक सिखाएगा जिसे आप कभी नहीं भूलेंगे।”
डॉन न्यूज़ के अनुसार उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि पानी पाकिस्तान की जीवन रेखा है और उन्होंने कसम खाई कि अंतरराष्ट्रीय समझौतों के तहत देश के अधिकारों से ”कोई समझौता” नहीं किया जाएगा।
रिपोर्ट के अनुसार श्री शरीफ ने कहा, ”अगर आप ऐसा करने की कोशिश करेंगे, तो आपको फिर से ऐसा सबक सिखाया जाएगा कि आप कान पकड़कर बैठ जाएंगे।” प्रधानमंत्री की यह टिप्पणी पाकिस्तान के सेना प्रमुख फील्ड मार्शल असीम मुनीर द्वारा अमेरिका में दिए गए एक भाषण के दौरान भारत को ”परमाणु युद्ध” की धमकी देकर आक्रोश पैदा करने के बाद आई है।
मुनीर ने चेतावनी दी थी कि अगर इस्लामाबाद को अस्तित्व का खतरा हुआ तो वह ”आधी दुनिया को तबाह कर देगा।”
भारत ने पाकिस्तान के सेनाध्यक्ष, फील्ड मार्शल असीम मुनीर द्वारा अमेरिका की यात्रा के दौरान की गई कथित टिप्पणियों पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की और उन्हें ”परमाणु शक्ति का प्रदर्शन” का उदाहरण बताया और चेतावनी दी कि ऐसे बयान इस्लामाबाद की परमाणु कमान और नियंत्रण व्यवस्था पर गंभीर चिंताओं को उजागर करते हैं।
विदेश मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि यह ”अफसोसजनक” है कि ये टिप्पणियाँ ”एक मित्र देश की धरती से” की गईं और अंतर्राष्ट्रीय समुदाय से आग्रह किया कि वह ”आतंकवादी समूहों के साथ मिलीभगत” वाली सेना द्वारा की गई ”ऐसी टिप्पणियों में निहित गैरजिम्मेदारी” पर ध्यान दें।
बयान में कहा गया है कि ऐसी टिप्पणियाँ पाकिस्तान की परमाणु कमान और नियंत्रण व्यवस्था की अखंडता पर संदेह को रेखांकित करती हैं, खासकर ऐसे देश में जहाँ सेना ”आतंकवादी समूहों के साथ मिलीभगत” रखती है। मंत्रालय ने इसे ”अफसोसजनक” बताया कि ये टिप्पणियाँ एक मित्र देश की धरती से की गईं।
विदेश मंत्रालय ने भारत के इस रुख को दोहराया कि वह परमाणु ब्लैकमेल के आगे नहीं झुकेगा और राष्ट्रीय सुरक्षा की रक्षा के लिए सभी आवश्यक कदम उठाएगा।
उल्लेखनीय है कि जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले के एक दिन बाद 23 अप्रैल को 1960 की संधि को स्थगित करने के बाद से पाकिस्तान भारत की आलोचना कर रहा है। इस आतंकी हमले में 26 लोग मारे गए थे।
इस बीच, गृह मंत्री अमित शाह ने स्पष्ट कर दिया है कि संधि बहाल नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा, ”नहीं, इसे कभी बहाल नहीं किया जाएगा। हम एक नहर बनाकर पाकिस्तान से राजस्थान तक बहने वाले पानी को ले जाएँगे। पाकिस्तान को उस पानी से वंचित कर दिया जाएगा जो उसे अनुचित रूप से मिल रहा है।”
