नयी दिल्ली 02 अगस्त (वार्ता) प्राकृतिक आपदाओं के दौरान नागरिक प्रशासन की सहायता की प्रतिबद्धता पर अडिग सेना मध्य प्रदेश, राजस्थान और पंजाब के प्रभावित क्षेत्रों में बाढ़ राहत अभियान में जुटी है।
सेना ने शनिवार को बताया कि मध्य प्रदेश में बाढ से उत्पन्न स्थिति सामान्य होने के बाद गुना और शिवपुरी जिलों में तैनात सैन्य टुकड़ियों को आज वापस बुला लिया गया। इस बीच,अशोकनगर-ग्वालियर से संचालित एक बाढ़ राहत टुकड़ी राहत और सहायता की संभावित आवश्यकताओं का आकलन करने के लिए ईसागढ़ और सिहोरा क्षेत्रों का सक्रिय रूप से सर्वेक्षण कर रही है।
राजस्थान के धौलपुर में सेना की एक टुकड़ी स्थिति बिगड़ने पर सहायता के लिए तैयार है।
साथ ही श्रीगंगानगर के उपायुक्त से प्राप्त अनुरोध पर शीघ्र कदम उठाते हुए सेना ने एक टीम तैनात की है। इस टीम को बाढ़ जैसी स्थिति के कारण जलभराव की समस्या के लिए तकनीकी सहायता प्रदान करने का काम सौंपा गया है। नागरिक प्रशासन ने स्थिति से निपटने के लिए पाँच पंपिंग सेट और दो किलोमीटर लंबे पाइन की व्यवस्था करने का अनुरोध किया है।
सेना के सहायता और राहत कार्यक्रमों में अब तक 105 नागरिकों को बचाया गया और 300 से ज़्यादा लोगों को चिकित्सा सहायता प्रदान की गई है।
सेना बाढ के कारण उत्पन्न स्थिति पर लगातार नज़र रख रही है और किसी भी आपात स्थिति का तुरंत संवेदनशीलता और पेशेवर तरीके से जवाब देने के लिए पूरी तरह तैयार है।
