भोपाल: मध्यप्रदेश के पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री प्रहलाद पटेल ने आज विधानसभा में कहा कि राज्य में अगर किसी के पास जॉब कार्ड होने के बाद उसे काम नहीं मिलने की बात सामने आई तो वे सदन में माफी मांग लेंगे।प्रश्नकाल के दौरान कांग्रेस विधायक मुकेश मल्होत्रा ने आदिवासीबहुल जिले श्योपुर से सहरिया आदिवासियों के पलायन की बात कहते हुए सरकार से जवाब मांगा। उन्होंने कहा कि उनके विधानसभा क्षेत्र में गांव के गांव खाली हो गए हैं और जनता रोजगार की तलाश में राजस्थान, गुजरात, पंजाब और हरियाणा जैसे स्थानों पर पलायन कर रही है।
कांग्रेस के विधायक पंकज उपाध्याय ने उनका समर्थन किया और कहा कि ये मानवता का विषय है। आदिवासी युवाओं के पास रोजगार नहीं है और इसलिए वे अन्यत्र पलायन कर रहे हैं।मंत्री श्री पटेल ने पलायन से इंकार करते हुए कहा कि सीमावर्ती क्षेत्रों के लोग अपनी मर्जी से रोजगार के लिए दूसरे स्थानों पर चले जाते हैं। अगर उन्हें यहां रोजगार नहीं मिल रहा तो इसे पलायन कहा जाएगा। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि अगर किसी के पास मनरेगा के तहत जॉब कार्ड है और उसके बाद अगर यहां काम नहीं मिलने की बात आए तो वे सदन में माफी मांग लेंगे।
