भोपाल: विधानसभा में आज पेश मध्य प्रदेश के आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26 में राज्य की अर्थव्यवस्था में संतुलित लेकिन स्पष्ट संरचनात्मक बदलाव के संकेत मिले हैं। आंकड़ों के अनुसार सेवा क्षेत्र लगातार आर्थिक वृद्धि का प्रमुख आधार बनकर उभरा है, जबकि निर्माण और अधोसंरचना गतिविधियों ने द्वितीयक क्षेत्र को स्थिर गति प्रदान की है।विनिर्माण क्षेत्र का सकल राज्य मूल्य वर्धन (GSVA) में योगदान वर्ष 2024-25 के 7.49 प्रतिशत से घटकर 2025-26 में 7.22 प्रतिशत रहा, हालांकि प्रचलित भाव पर इसका मूल्य 1.06 लाख करोड़ से बढ़कर 1.13 लाख करोड़ हो गया। यह वास्तविक उत्पादन में मध्यम लेकिन स्थिर विस्तार को दर्शाता है।
निर्माण क्षेत्र द्वितीयक सेक्टर का प्रमुख चालक बना रहा, जिसका योगदान 9.01 प्रतिशत से बढ़कर 9.22 प्रतिशत हो गया। इस क्षेत्र में 13 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि दर दर्ज की गई, जो अधोसंरचना परियोजनाओं के विस्तार का संकेत है। समग्र द्वितीयक क्षेत्र का योगदान मामूली घटकर 19.79 प्रतिशत रहा, लेकिन कुल मूल्य में लगभग 10 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज हुई।वहीं तृतीयक यानी सेवा क्षेत्र ने अर्थव्यवस्था को सबसे अधिक मजबूती दी। वर्ष 2025-26 में सेवाओं का योगदान 37 प्रतिशत से अधिक रहा।
व्यापार, होटल-रेस्टोरेंट, परिवहन, वित्तीय सेवाएँ और रियल एस्टेट में दो अंकों की वृद्धि दर दर्ज की गई। “अन्य सेवाएँ” श्रेणी में सर्वाधिक उछाल देखने को मिला, जहां वृद्धि दर 24 प्रतिशत से अधिक रही।आर्थिक सर्वेक्षण के अनुसार राज्य की विकास दिशा अब कृषि पर निर्भरता से आगे बढ़कर उद्योग और सेवाओं के संतुलित मॉडल की ओर बढ़ रही है। विशेषज्ञों के मुताबिक यह रुझान मध्यम अवधि में रोजगार सृजन, शहरीकरण और आय वृद्धि को गति दे सकता है।
