
भोपाल: मध्य प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष जीतू पटवारी ने भिंड जिले के सुरपुरा गांव में एक दलित युवक के साथ हुई अमानवीय घटना पर गहरा आक्रोश व्यक्त किया है। उन्होंने इसे न केवल मानवता के खिलाफ बर्बर कृत्य बताया, बल्कि भाजपा सरकार की कानून-व्यवस्था के पूरी तरह चरमराने का सबूत भी कहा।
पटवारी ने इस घटना को “वंचित वर्ग के प्रति सरकार की असंवेदनशीलता का शर्मनाक उदाहरण” बताते हुए सवाल उठाया कि मध्य प्रदेश में दलितों और पिछड़े वर्गों के साथ अत्याचारों का सिलसिला आखिर क्यों थम नहीं रहा, जबकि सरकार बार-बार न्याय और सुरक्षा के दावे करती है।
रिपोर्ट्स के अनुसार, 25 वर्षीय दलित ड्राइवर को सोमवार रात ग्वालियर से तीन आरोपियों — सोनू बरुआ, आलोक पाठक और छोटू ओझा — ने अगवा कर भिंड के सुरपुरा गांव ले जाया गया। वहां पहुंचने पर आरोपियों ने उसकी बेरहमी से पिटाई की, जबरन शराब पिलाई और फिर पेशाब पीने के लिए मजबूर किया। पीड़ित की हालत बिगड़ने पर उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया। श्री पटवारी ने वीडियो कॉल के माध्यम से पीड़ित से बात कर घटना की विस्तृत जानकारी ली और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की।
एनसीआरबी के आंकड़ों का हवाला देते हुए पटवारी ने कहा कि वर्ष 2022 में मध्य प्रदेश में दलित अत्याचार के 7,732 मामले दर्ज हुए, जो देश में तीसरे स्थान पर हैं। उन्होंने कहा, “भाजपा शासन में दलितों पर अपराध लगातार बढ़ रहे हैं। भाजपा शासित राज्यों में मध्य प्रदेश में दलित अपराध दर 43.4 प्रतिशत के साथ सबसे अधिक है।”
उन्होंने कटनी, शिवपुरी, छतरपुर, खजुराहो और दमोह में हुई हालिया घटनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि प्रदेश में “जुल्म का जंगलराज” कायम हो चुका है।
मुख्यमंत्री और गृह मंत्री डॉ. मोहन यादव पर निशाना साधते हुए पटवारी ने कहा कि “जब मुख्यमंत्री विदेश दौरों पर व्यस्त हैं, तब प्रदेश में दलित सुरक्षित नहीं हैं।” उन्होंने भाजपा के ‘सबका साथ, सबका विकास’ के नारे को खोखला बताया।
अंत में पटवारी ने कहा कि कांग्रेस पार्टी डॉ. भीमराव अंबेडकर के विचारों पर अडिग रहकर दलितों और वंचित वर्गों के अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रखेगी और भाजपा की “दलित विरोधी नीतियों” के खिलाफ अंतिम सांस तक लड़ाई लड़ेगी।
