
सौंसर, लोधीखेड़ा पुलिस ने अपहरण और फिरौती के एक गंभीर मामले का महज 24 घंटे के भीतर सफल खुलासा किया है। पुलिस ने अपहृत नाबालिग बालक को सकुशल मुक्त कराते हुए मामले में शामिल तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
*जामसांवली मंदिर से लौटते समय हुआ था अपहरण -*
थाना प्रभारी एबी मर्सकोले से मिली जानकारी के अनुसार, 21 जुलाई को शिकायतकर्ता गणेश पिता राधेश्याम उइके निवासी ग्राम पुसला, जिला अमरावती, महाराष्ट्र ने पीपला नारायणवार पुलिस चौकी में शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि जामसांवली मंदिर से घर लौटते समय उनके साथी शिवम आहके का सफेद रंग की कार में सवार अज्ञात व्यक्तियों ने अपहरण कर लिया है। सूचना मिलते ही थाना लोधीखेड़ा में धारा 140(3) BNS के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई।
*5 लाख की मांगी गई थी फिरौती -*
मामले की विवेचना के दौरान आरोपियों ने परिजनों को कॉल कर नाबालिग को छोड़ने के एवज में पांच लाख रुपये फिरौती की मांग की। पुलिस ने तत्काल तकनीकी साक्ष्य, सीडीआर और मोबाइल लोकेशन के आधार पर जांच को आगे बढ़ाया। टी आई के मुताबिक अगले दिन 22 जुलाई को एक अन्य नंबर से दोबारा फिरौती के लिए फोन आया, जिसकी लोकेशन अमरावती जिले के वरूड थाना क्षेत्र में मिली।
*पुलिस ने बिछाया जाल, रंगे हाथों पकड़े गए आरोपी -*
एस पी प्रकाश चंद्र परिहार के निर्देश पर उप निरीक्षक रवि वट्टी, सहायक उप निरीक्षक आरिफ खान और आरक्षक नंदकुमार उइके की टीम तुरंत रवाना हुई। पुलिस ने परिजनों को साथ लेकर एक सुनियोजित रणनीति बनाई। आरक्षक को सिविल ड्रेस में ऑटो रिक्शा में बिठाया गया और परिजनों के हाथ में कागजों से भरा बैग थमाया गया, जो देखने में पैसों का बैग लग रहा था।
जैसे ही आरोपी तय स्थान पर नाबालिग बालक को लेकर पहुंचे, पूर्व से घेराबंदी कर तैनात पुलिस टीम ने स्थानीय पुलिस के सहयोग से तीनों आरोपियों को मौके पर ही दबोच लिया और बालक को सुरक्षित बचा लिया।
*गिरफ्तार आरोपियों के नाम -*
सुफियान पिता निसार शाह ,वसीम शाह पिता शौकत शाह,शेख जुबेर पिता शेख नासिर है। पुलिस के अनुसार तीनो आरोपी तहसील वरूड, जिला अमरावती के निवासी है तथा आदतन अपराधी है।
*इनकी रही सराहनीय भूमिका -*
इस सफल कार्रवाई में निरीक्षक एबी. मर्सकोले के अलावा उप निरीक्षक रवि वट्टी, सहायक उप निरीक्षक आरिफ खान, आरक्षक नंदकुमार उइके (चौकी पीपला नारायणवार) तथा बैकअप टीम के सहायक उप निरीक्षक संतोष ठाकुर, आरक्षक समीर एवं आरक्षक लखन थाना लोधीखेड़ा की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
