नयी दिल्ली, 26 जुलाई (वार्ता) लोगों की बदलती जीवनशैली और जिंदगी में टेक्नोलॉजी की मौजूदगी बढ़ने के साथ विभिन्न मौकों पर दिये जाने वाले उपहारों की प्रकृति भी बदली है।
दिल्ली के भारत मंडपम में 24 जुलाई से आयोजित तीन दिवसीय गिफ्ट वर्ल्ड एक्सपो में बड़ी संख्या में उपभोक्ता इलेक्ट्रॉनिक्स उत्पाद, जीवनशैली से जुड़े उत्पाद, पूजा के सामान और अन्य धार्मिक उत्पाद, खेल के सामान, स्टेशनरी, बैग, किचन के सामान और घरेलू सजावट के उत्पाद बनाने वाली कंपनियाँ भी हिस्सा ले रही हैं।
एमईएक्स एग्जिबिशन्स की निदेशक हिमानी गुलाटी ने बताया कि आजकल गिफ्टिंग का दायरा इतना विस्तृत हो गया है कि हर चीज उपहार में दी जा सकती है। किचन का सामान भी उपहार में दिया जाता है, एक पेन भी उपहार है और मुकेश अंबानी के बेटे की शादी में सबने देखा कि एक जेट भी उपहार में दिया जा सकता है। यह आपके बजट, मौके और किसे उपहार दे रहे हैं, उस पर निर्भर करता है।
पिछले कुछ समय में उपहारों की प्रकृति में बदलाव के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि पहले डायरी, पेन, टेबलटॉप आदि उपहार में दिये जाते थे। आजकल जीवनशैली से जुड़े उत्पाद जैसे चादरें, डेकोर और किचन के सामान और टेक्नोलॉजी से जुड़े उत्पाद जैसे स्पीकर, हेडफोन आदि का प्रचलन बढ़ा है। इसके अलावा लजीज व्यंजनों के गिफ्ट हैंपरों की भी खूब मांग है।
ऑनलाइन गिफ्टिंग और गिफ्ट कार्ड के बढ़ते चलन के प्रभाव के बारे में पूछे जाने पर सुश्री गुलाटी ने कहा कि उपहार लेना और देना भावनाओं से जुड़ा हुआ है। ये भौतिक उपहार की जगह नहीं ले सकते। उन्होंने कहा कि ऑनलाइन या गिफ्ट कार्ड वहाँ पसंद किये जाते हैं जहाँ लॉजिस्टिक्स की समस्या है। इसके अलावा कंपनियों की बिक्री पर इससे कोई प्रभाव नहीं पड़ता क्योंकि हर हाल में उनके उत्पाद बिक ही रहे हैं।
पूजा के सामान और कीमती पत्थर, रुद्राक्ष आदि बनाने वाली स्टार्टअप कंपनी जपं स्प्रिचुअल प्राइवेट लिमिटेड के दीपेंद्र गोडारा ने बताया कि उनके यहाँ भी अच्छी संख्या में ग्राहक आ रहे हैं और उत्पादों की जानकारी ले रहे हैं। यह बी2बी प्रदर्शनी हे, इसलिए खुदरा बिक्री की अनुमति नहीं है। उन्होंने बताया कि अन्य सामानों के साथ पूजा के सामान और रुद्राक्ष, कीमती पत्थर तथा दूसरे रत्न उपहार के तौर पर देने का चलन बढ़ रहा है।
पटसन (जूट) के सामान बनाने वाली कंपनी कॉन्सेप्ट होम के संस्थापक शोविक गुप्ता ने बताया कि वह विभिन्न प्रदर्शनियों में जाते रहते हैं। यह उत्पाद को नये ग्राहकों तक पहुँचाने में मददगार होता है। उनकी कंपनी में 15 लोग काम करते हैं। जूट का समान बनाने के काम में महिलाएँ ज्यादा हैं। जूट के बने बैग और घरेलू सजावट के सामान भी अब लोग उपहार में देते हैं। हरियाणा के पानीपत में स्थित उनकी कंपनी 2017 में अस्तित्व में आयी थी और फिलहाल उसका टर्नओवर 2.5 करोड़ रुपये है।
प्रदर्शनी में लगभग 680 विक्रेता अपने उपहार बेच रहे हैं जिनमें 32 स्टार्टअप भी शामिल हैं।

