
सिंगरौली। आज दिन मंगलवार की अल सुबह 3 बसे से लेकर 10 बजे तक करीब सात घंटे से अधिक समय तक हुई मूसलाधार बारिश से माड़ा एवं तहसील क्षेत्र के दर्जनों गांव जलमग्र हो गये। यहां तक कि घरों में इस तरह पानी भरा कि अफरा-तफरी मच गई। वही नाले भी उफान पर आ गये।
खेत, तालाब, बांध, नदी-नाले पानी से भर गये। वही अंचल के कई नाले भी उफान पर आ गये। आलम यह है कि इस बारिश की वजह से सरई से गुजरने वाली गोपद नदी उफान पर है। इसके अलावा बारिश के चलते निचली बस्तियों में पानी भर गया है। सरई के गन्नई गांव से जो तस्वीर सामने आई है, उससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि निचली बस्तियों में हालत किसी तरह से बिगड़ने लगे हैं। गन्नई गांव के रहने वाले रामदयाल वैश्य सहित आधा दर्जन से ज्यादा मकान में पानी भर गया है और लोग आफत में आ गए हैं और डर का माहौल हो गया है। अब लोगों के घर का खाने-पीने सहित कूलर पानी में डूब रहे हैं और लोग अपने सामान को बचाने में लगे हुए हैं। जानकारी के अनुसार मंगलवार को आज सबसे ज्यादा माड़ा में 80 मिली वर्षा दर्ज की गई है। इसके अलावा सरई में 75 मिली वर्षा दोपहर 12 बजे तक हो चुकी है। जबकि देवसर में 28 मिली और चितरंगी में 4.4 मिली बारिश हुई है। हालांकि सिंगरौली मुख्यालय में आज बिल्कुल बारिश नहीं हुई। लेकिन माड़ा एवं तहसील क्षेत्र के दर्जनों गांव जलमग्र हो गये। चारो तरफ पानी ही पानी नजर आ रहा था। इस घनघोर बारिश से जन जीवन प्रभावित हुआ है। हालांकि सरई तहसीलदार चन्द्रशेखर मिश्रा अपने स्टाफ के साथ अधिक वर्षा वाले गांव का भ्रमण करते हुये जायजा लिया।
गन्नई के कई घरों के अंदर घुसा पानी, तैरने लगी सामग्रियां
सरई तहसील अंचल में तेज एवं जोरदार बारिश का असर इस तरह रहा कि गन्नई गांव के कृष्ण कुमार बैस के घर में इस तरह पानी भरने लगा कि घर के अंदर रखा सामान भी पानी में तैरने लगे। सामानों को पानी से बचाने के लिए लोगबाग घरों से बाहर निकालने लगे। वही कच्चे घरों में निवासरत लोगों को डर भी सता रहा है कि कहीं दिवार गिली हुई तो धसकने का भी अंदेशा है। बुजुर्ग से लेकर बच्चे, महिलाएं इस घनघोर बारिश से काफी परेशान दिखे।
नाले भी उफान पर, आवागमन प्रभावित
आलम यह है कि बारिश से ओवरी गांव स्थित पुल खतरे के निशान से ऊपर पानी बह रहा है। आवागमन प्रभावित हो रहा है। वही क्षेत्र के अन्य नाले भी उफान पर आ गये हैं। जिसके कारण वाहनों की आवाजाही रोक दी गई और लोगबाग इधर-उधर फंसे रहे। इतना ही नही मूसलाधार बारिश से लोगों को दिनचर्या के कामकाज पर असर पड़ा है। साथ ही आज कई विद्यालयों के ताले भी नही खुले और बहुत ही निजी स्कूलो के बच्चे भी रेनी-डे मनाते रहे। वही मजदूर भी आज कामकाज पर नही जा सके। हालांकि मूसलाधार बारिश से किसान खुशी से झूम उठे। धान की खेती के लिहाज से बारिश अच्छा माना जा रहा है। किसान खरीफ फसल बुआई एवं खेतीबाड़ी में जोर-शोर से जुट गये हैं। अनुमान लगाया जा रहा है कि आगे आने वालों दिनों में बारिश और भी होने की संभावना है।
