ऋषिकेश, 26 अप्रैल (वार्ता) उत्तर प्रदेश में हिमालय की गोद और माँ गंगा के पावन तट पर स्थित परमार्थ निकेतन में रविवार को एक प्रेरणादायक और भावपूर्ण अवसर देखने को मिला, जब बॉलीवुड अभिनेता सुनील शेट्टी अपनी पत्नी माना शेट्टी के साथ आश्रम पहुंचे। इस दौरान उन्होंने स्वामी चिदानन्द सरस्वती के सान्निध्य में आध्यात्मिक वातावरण का अनुभव किया।
स्वामी चिदानन्द सरस्वती के साथ संवाद के दौरान भारतीय सिनेमा की सामाजिक भूमिका, सनातन संस्कृति के वैश्विक संदेश, पर्यावरण संरक्षण और युवाओं को सकारात्मक दिशा देने जैसे विषयों पर चर्चा हुई। उन्होंने कहा कि सिनेमा समाज निर्माण का सशक्त माध्यम बन सकता है, यदि इसमें भारतीय संस्कृति, नारी सम्मान, सेवा, करुणा और राष्ट्रप्रेम जैसे मूल्यों को प्रमुखता दी जाए।
शेट्टी ने कहा कि परमार्थ निकेतन का वातावरण आत्मिक शांति प्रदान करता है और जीवन की प्राथमिकताओं को स्पष्ट करता है। माना शेट्टी ने आश्रम के सात्त्विक और अनुशासित वातावरण की सराहना करते हुए इसे आत्मिक पुनर्जागरण जैसा अनुभव बताया।
प्रवास के दौरान शेट्टी ने रेस्क्यू फाउंडेशन की मुंबई और दिल्ली से आई बालिकाओं से भी मुलाकात की। उन्होंने बच्चियों को आत्मविश्वास और सकारात्मक सोच के साथ जीवन में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम के अंत में स्वामी चिदानन्द सरस्वती के मार्गदर्शन में सभी ने राष्ट्र, समाज, विश्व शांति और मानवता के कल्याण के लिए प्रार्थना की।
