‘Kiran’ से ‘Kirron’ बनने का क्या है राज? जानिए किरण के फिल्म अभिनेत्री से राजनेता बनने तक की कहानी…

बॉलीवुड की जानी-मानी अभिनेत्री और राजनेता किरण खेर आज अपना 74वां जन्मदिन मना रही है। इस खास मौके पर जानते है उनका नाम बदलने से लेकर, उनके फिल्मी और राजनीतिक करियर के बारें में।

बॉलीवुड की जानी-मानी अभिनेत्री और राजनेता किरण खेर किसी परिचय की मोहताज नहीं हैं। ‘देवदास’, ‘दोसताना’, ‘मैं हूं ना’, ‘वीर-ज़ारा’, ‘ओम शांति ओम’ जैसी कई सफल फिल्मों में यादगार भूमिका निभाने वाली किरण खेर आज अपना 74वां जन्मदिन मना रही है।

बहुत कम लोगों को ही पता होगा कि उनका मूल नाम ‘Kiran Kher’ था, जिसे बाद में उन्होंने बदल कर ‘Kirron Kher’ कर दिया। अपने शानगदार अभिनय और बेबाक अंदाज के कारण उन्होने फिल्म जगत में अपनी एक अलग पहचान बनाई है। अपनी जिंदगी में में काफी उतार-चढ़ाव देखने के बाद 2021 किरण खेर ने मल्टीपल मायलोमा (एक प्रकार का कैंसर) नाम की बीमारी का भी सामना किया।

जीवन परिचय
किरण खेर का जन्म 1952 को बैंगलोर में एक जाट सिख परिवार में हुआ। उनके माता-पिता का नाम ठाकुर सिंह संधू और दिलजीत ठाकर सिंह है। किरण के पिता सेना में थे। किरण की दो बहनें हैं- एक अर्जुन पुरस्कार विजेता बैडमिंटन खिलाड़ी कंवल ठाकर कौर और दूसरी बहन सरनजीत कौर संधू, भारतीय नौसेना के एक सेवानिवृत्त वरिष्ठ अधिकारी की पत्नी हैं।

किरण का एक भाई भी था- अमरदीप सिंह लेकिन 2003 में उनका निधन हो गया था। किरण ने चंडीगढ़ में अपनी स्कूली पढ़ाई की इसके बाद पंजाब विश्वविद्यालय, चंडीगढ़ के भारतीय रंगमंच विभाग से स्नातक की उपाधि प्राप्त की।

वैबाहिक जीवन
किरण खेर का विवाह बिजनेसमैन 1979 में गौतम बेरी से हुआ था। दोनों का एक बेटा भी है। लेकिन बाद में किरण खेर का तलाक हो गया। 1985 में किरन खेर ने अनुपम खेर से शादी की थी।

फिल्मी करियर
किरन खेर ने पंजाबी फिल्म ‘आसरा प्यार दा’ (1983) से डेब्यू किया। इस फिल्म में डेब्यू करने के बाद से अब तक किरण 500 से भी ज्यादा फिल्मों में अपनी अभिनय का लोहा मनवा चुकी है।

राजनीति में आजमा चुकी है हाथ
किरण 2009 में भारतीय जनता पार्टी में शामिल हुईं थी। इसके बाद उन्होंने 2011 के नगर निगम चुनावों के लिए देश भर में पार्टी के लिए प्रचार किया। उम्मीदवार किरण खेर ने 2019 के भारतीय आम चुनाव में चंडीगढ़ निर्वाचन क्षेत्र से 46,970 मतों के अंतर से जीत हासिल की। वर्तमान में किरण चण्डीगढ़ संसदीय क्षेत्र से सांसद है।

‘Kiran’ से ‘Kirron’ क्यों बनीं किरण खेर
दरअसल किरण खेर अंक ज्योतिष में बहुत विश्वास रखती है। जिसके अनुसार, नाम में एक अतिरिक्त ‘r’ (Kiran से Kirron) जोड़ने से उनके नाम का मूलांक और भाग्य अंक ज्यादा सकारात्मक हो गया। जिसके बाद उन्हें फिल्म इंडस्ट्री और राजनीति में काफी सफलता मिली। किरण खेर ने एक इंटरव्यू खुद इसका खुलासा किया था कि ज्योतिषीय सलाह के बाद उनके नाम की स्पेलिंग में बदलाव किया गया।

किरण और अनुपम की लव स्टोरी
दरअसल किरण खेर और अनुपम खेर की लव स्टोरी काफी इंट्रेस्टिंग है। किरण और अनुपम खेर दोनों ही शादीशुदा थे। लेकिन दोनों ही अपनी शादी से खुश नहीं थे। अनुपम खेर से किरण की मुलाकात चंडीगढ़ के डिपार्टमेंट ऑफ इंडियन थिएटर में हुई थी। “चाडनपुरी की चंपाबाई” नामक एक नाटक में किरण और अनुपम ने एक साथ काम किया। जहां वे दोस्त बने फिर लंबे समय तक दोस्त रही। बाद में दोनों की दोस्ती प्यार में बदल गई। फिर दोनों नें अपने पहले शादी से तलाक लेकर विवाह करने का फैसला लिया। 1985 में दोनों ने शादी कर ली।

सामाजिक कार्य
किरण खेर भ्रूण हत्या के खिलाफ चलाए गए अभियान ‘लाडली’ का मुख्य हिस्सा रही। इसके अलावा ‘रोको कैंसर’ अभियान से भी वह जुड़ी रहीं। उन्होंने अन्ना हजारे द्वारा चलाए गए भ्रष्टाचार विरोधी आंदोलन में भी अहम भुमिका निभाई थी।

अवार्ड और सम्मान
किरण खेर के एक्टिंग की दुनिया में दिए इस योगदान के लिए भारत सरकार उन्हें 2004 में पद्मश्री और 2006 में पद्मभूषण से सम्मानित कर चुकी है।

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