नई दिल्ली | राजधानी की जीवनदायिनी यमुना को प्रदूषण से मुक्ति दिलाने के लिए केंद्र सरकार ने कमर कस ली है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने यमुना सफाई अभियान को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए 2027 तक 59 नए सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) स्थापित करने का लक्ष्य निर्धारित किया है। गृह मंत्री ने स्पष्ट कर दिया है कि दिल्ली की सीवेज प्रबंधन प्रणाली को पूरी तरह बदलना होगा ताकि बिना उपचारित गंदा पानी नदी में न गिरे।
जवाबदेही तय करने के लिए ‘अकाउंटबिलिटी ऑडिट’
पिछली परियोजनाओं में मॉनिटरिंग की कमी को देखते हुए, अब इस पूरे अभियान का हर 20 दिन में ‘अकाउंटबिलिटी ऑडिट’ किया जाएगा। इस समीक्षा प्रक्रिया में निर्माण कार्य की गति, फंड का उचित उपयोग और गुणवत्ता मानकों की गहन जांच की जाएगी। अमित शाह ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि इस राष्ट्रीय महत्व के कार्य में किसी भी प्रकार की कोताही या लापरवाही को बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
मिशन मोड में होगा कायाकल्प
यमुना के प्रदूषण के लिए जिम्मेदार अवैध बस्तियों के कचरे, औद्योगिक अपशिष्ट और जर्जर सीवर नेटवर्क की समस्याओं को सुलझाने के लिए मास्टर प्लान तैयार किया गया है। स्थानीय प्रशासन को केवल नए संयंत्र बनाने के ही नहीं, बल्कि पुराने नेटवर्क की मरम्मत के भी सख्त निर्देश दिए गए हैं। दिल्ली सरकार और अन्य निकाय अब मिशन मोड में कार्य करेंगे, ताकि भविष्य में यमुना का तट फिर से स्वच्छ और निर्मल हो सके।

