सीरीज जीतना एक सुखद अहसास है : श्रेयस अय्यर

हरारे, 25 जुलाई (वार्ता) भारतीय कप्तान श्रेयस अय्यर ने जिम्बाब्वे से दूसरा टी 20 जीतने और सीरीज में 2-0 की अपराजेय बढ़त बनाने के बाद कहा कि यह काफ़ी सुखद एहसास है।

श्रेयस ने शनिवार को मैच के बाद कहा, ”हमने आज एक बहुत अच्छी जीत हासिल की। बल्लेबाज़ी में जिस तरह से इशान और तिलक ने बल्लेबाज़ी की और उन्होंने कुछ ऐसे शॉट्स खेले जो कि आंखों को सुकून देने वाले थे। और फिर गेंदबाज़ों ने योजना के हिसाब से गेंदबाज़ी की। एटीट्यूड काफ़ी मायने रखता है, अतीत को पीछे छोड़ वर्तमान में रहना ज़रूरी है। कल एक मैच है इसलिए हम अगले मैच की ओर देख रहे हैं। (क्या टीम में बदलाव होगा?) अभी तक हमने निर्णय नहीं लिया है लेकिन हमारे एक खिलाड़ी चोटिल हो गए। इसलिए आप कल कुछ बदलाव होता देख सकते हैं।”

प्लेयर ऑफ़ द मैच इशान किशन ने कहा, ”जब आप टीम के लिए रन बनाते हैं तो टीम का अच्छा स्कोर होना लाज़िमी है, टीम की जीत में योगदान देना सुखद है। हमारे ध्यान में 180 का लक्ष्य ही था, विकेट बल्लेबाज़ी के लिए उतनी भी आसान नहीं थी इसलिए हमारा ध्यान अच्छी साझेदारी बनाने पर था। विकेट के बारे में अधिक सोचना नहीं चाहिए और परिस्थिति के हिसाब से बल्लेबाज़ी करनी चाहिए और इस पर ध्यान देना चाहिए कि किस गेंदबाज़ को टारगेट किया जा सकता है। मयंक, यश ठाकुर और प्रिंस सभी ने बढ़िया गेंदबाज़ी की है, इसके साथ ही उन्होंने फ़ील्डिंग में भी अच्छा प्रदर्शन किया है।”

इस हार से निराश जिम्बाब्वे के कप्तान सिकंदर रज़ा ने कहा, ”गेंदबाज़ों ने अच्छी गेंदबाज़ी की लेकिन भारतीय बल्लेबाज़ों को श्रेय जाता है जिस तरह का स्किल उन्होंने दिखाया। गेंदबाज़ों को फ़ील्डिंग से अधिक सपोर्ट की दरकार थी। किशन और तिलक ने बढ़िया बल्लेबाज़ी की, उनके स्किल से सीखने के लिए काफ़ी कुछ है और हम इससे बेहतर हो सकते हैं। अनुभव की कमी होने के साथ ही शॉट सेलेक्शन भी हमारा अच्छा नहीं रहा, बतौर कप्तान मैंने भी बल्लेबाज़ी अच्छी नहीं की। उम्मीद है कि हम आगे अच्छा प्रदर्शन करेंगे।”

 

Next Post

देश के करोड़ों छात्र-युवाओं की ऐतिहासिक जीत पर भोपाल में निकला कांग्रेस का विजय मार्च

Sat Jul 25 , 2026
भोपाल। देश के लाखों छात्र-युवाओं के निरंतर संघर्ष और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी द्वारा उनकी आवाज़ को सड़क से लेकर सदन तक पूरी मजबूती एवं प्रतिबद्धता के साथ उठाए जाने के परिणामस्वरूप केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को अंततः अपने पद से इस्तीफ़ा देना पड़ा। यह केवल एक […]

You May Like