नई दिल्ली, दिल्ली यूनिवर्सिटी के साउथ कैंपस के पास सत्य निकेतन इलाके में एक जर्जर पांच मंजिला इमारत ढहने से सात छात्रों की मौत के बाद अभिनेता सोनू सूद ने इस पूरी त्रासदी पर गहरा दुख व्यक्त किया है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपनी बात रखते हुए उन्होंने कहा कि हर साल लाखों छात्र अपने सपनों को पूरा करने के लिए दूसरे शहरों में जाते हैं, लेकिन राजधानी दिल्ली में लगभग 7 लाख छात्रों के मुकाबले सरकारी हॉस्टल की क्षमता मात्र 30,000 के आसपास है, जिसका मतलब है कि हर 31 में से केवल 1 छात्र को ही आधिकारिक हॉस्टल की सुविधा मिल पाती है।
सरकारी जमीनों पर स्टूडेंट हॉस्टल बनाने और नीतिगत बदलाव की अपील, माता-पिता को मिलेगी मन की शांति
सोनू सूद ने सरकारों और विश्वविद्यालयों से अपील की है कि यूनिवर्सिटी के आसपास पड़ी खाली सरकारी जमीनों की पहचान कर वहां सुरक्षित और किफायती छात्र हॉस्टल बनाए जाएं या इसके लिए अनुमति दी जाए। उन्होंने सुझाव दिया कि कैंपस के भीतर अतिरिक्त बिल्डिंग निर्माण की अनुमति मिलने से न केवल छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित होगी और माता-पिता को मन की शांति मिलेगी, बल्कि शिक्षण संस्थानों व प्रशासन की आय भी बढ़ेगी और भविष्य में ऐसे हादसों को रोका जा सकेगा।
सत्य निकेतन हादसे की जांच तेज, मुख्य आरोपियों को कोर्ट द्वारा भेजा गया हिरासत में
गौरतलब है कि 6 सितंबर को हुए इस भीषण हादसे में मरने वालों की संख्या बढ़कर सात हो गई है, जबकि राहत और बचाव अभियान के तहत 12 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया था। इस मामले में पुलिस ने सख्त कार्रवाई करते हुए बिल्डिंग मालिक महेश गुप्ता और उनके माता-पिता समेत अन्य जिम्मेदार लोगों को गिरफ्तार कर लिया है, जिन्हें अदालत द्वारा पुलिस और न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है तथा प्रशासन अब शहर के अन्य पीजी हब्स की सुरक्षा जांच में जुट गया है।

