
ग्वालियर। रुपए के लेन-देन के विवाद में एक युवक की गोली मारकर हत्या कर दी गई। युवक डबरा का रहने वाला था, जबकि उसका शव दतिया जिले के निचरोली के जंगल में मिला। शव मिलने के बाद सक्रिय हुई पुलिस ने महज कुछ घटे में ही आरोपियों की गर्दन नाप दी। घटनाक्रम 9 जून से प्रारंभ हुआ, जो बुधवार को आरोपियों की गिरफ्तारी तक पहुंच गया है। आरोपियों में जीजा-साले की मुख्य भूमिका है, जबकि इस पूरे हत्याकांड में इनका एक दोस्त भी शामिल है।
डबरा सर्किल के एसडीओपी जीतेन्द्र नगाइच व डबरा देहात थाना प्रभारी धर्मेन्द्र सिंह तोमर ने इस हत्याकांड का खुलासा करते हुए बताया कि विवेक राज उर्फ गोलू उम्र 26 वर्ष पुत्र बाबू जाटव निवासी अमरपुरा डबरा रुपयों के लेन-देन का काम करता था। विवेक राज 12 से 20 प्रतिशत तक ब्याज पर रुपए उधार दिया करता था और बाद में रुपयों की वसूली करता था।
विवेक राज से वर्ष 2024 में 6 लाख रुपए और जनवरी 2025 में 6 लाख रुपए चंद्रशेखर उर्फ चंदू जाटव उम्र 26 वर्ष पुत्र अमीरचंद्र निवासी हरिपुरा मरघट रोड, गली नम्बर 9 डबरा ने लिए थे। यह रकम 12 प्रतिशत ब्याज पर ली गई थी। कुछ महीने बाद विवेक राज ने अपनी रकम मय ब्याज के वापस मांगना शुरु कर दिया।
आरोपी चंदू जाटव रुपए आज-कल में देता हूं कहकर टाल रहा था, लेकिन चंदू ने रुपए वापसी के लिए दबाव ज्यादा बनाना शुरु कर दिया। चंद्रशेखर उर्फ चंदू जाटव के पास रुपए वापस करने के लिए थे नहीं। इसलिए उसने विवेकराज को अपने रास्ते से हटाने का प्लान बनाया।
आरोपी चंद्रशेखर उर्फ चंदू ने इस हत्याकांड में अपने साले लोकेन्द्र पुत्र लक्ष्मण प्रसाद अहिरवार निवासी दतिया तथा अपने दोस्त जय किशन गौतम पुत्र जयराम गौतम निवासी रेलवे स्टेशन के पास दतिया को शामिल किया। चंदू जाटव ने फोन करके विवेक राज को दतिया रेलवे स्टेशन पर रुपए देने और पार्टी करने के नाम पर बुलाया।
रेलवे स्टेशन पर उतरते ही गाड़ी तैयार खड़ी थी। इस गाड़ी को आरोपियों ने विवेकराज से ही चलाने को कहा और दिनारा से निचरौली के जंगल वाले रास्ते पर चलने को कहा। गाड़ी के अंदर ही विवाद होने लगा। इसमें आरोपियों ने पिस्टल निकाली और विवेकराज में गोली मार दी। गोली लगने के कुछ देर बाद ही विवेक राज ने दम तोड़ दिया तो आरोपी उसका शव जंगल में ही छोडक़र भाग आए।
