अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव के दूसरे दिन “फ्रॉम आर्काइव्स टू स्क्रीन” विषय पर विशेष पैनल चर्चा

नई दिल्ली, (वार्ता) इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र (आईजीएनसीए) के सहयोग से आयोजित 15वें दिल्ली अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव के दूसरे दिन “फ्रॉम आर्काइव्स टू स्क्रीन” विषय पर विशेष पैनल चर्चा में भारत की समृद्ध अभिलेखीय धरोहर को सिनेमा के माध्यम से नई पीढ़ी तक पहुंचाने की संभावनाओं पर मंथन किया गया।

इस सत्र का उद्देश्य देश में उपलब्ध विशाल अभिलेखीय सामग्री को प्रभावी सिनेमाई रूपांतरण के जरिए पुनर्जीवित करने की दिशा में संभावनाओं को तलाशना था। चर्चा में फिल्मकार बप्पा रे, उत्पल बोरपुजारी और लेखक एवं फिल्म इतिहासकार इक़बाल रिज़वी ने अपने विचार साझा किए, जबकि सत्र का संचालन आईजीएनसीए के मीडिया केंद्र के प्रमुख अनुराग पुनेठा ने किया।

पैनलिस्टों ने अभिलेख संरक्षण में संस्थाओं की भूमिका, ऐतिहासिक दस्तावेजों को प्रभावी सिनेमाई कथाओं में रूपांतरित करने की प्रक्रिया तथा विभाजन, जनजातीय इतिहास और मौखिक परंपराओं जैसे विषयों की प्रासंगिकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि अभिलेख केवल दस्तावेज नहीं, बल्कि जीवंत कथाएं हैं, जिन्हें सिनेमा के माध्यम से नई पीढ़ी तक प्रभावी ढंग से पहुंचाया जा सकता है। इसके लिए फिल्मकारों, इतिहासकारों और संस्थानों के बीच बेहतर समन्वय आवश्यक है।

इससे पूर्व दादासाहब फाल्के पुरस्कार से सम्मानित प्रख्यात फिल्मकार अडूर गोपालकृष्णन ने आईजीएनसीए द्वारा आयोजित एक विशेष प्रदर्शनी का उद्घाटन किया। प्रदर्शनी में 1950 से 1990 के दशक के बीच फिल्म सितारों और सुप्रसिद्ध गायकों लता मंगेशकर, मोहम्मद रफी, मुकेश, बेगम अख्तर, गीता दत्त, आशा भोंसले और महेंद्र कपूर द्वारा किए गए प्रिंट विज्ञापनों को प्रदर्शित किया गया है।

प्रदर्शनी की सराहना करते हुए अडूर गोपालकृष्णन ने इसे दुर्लभ और अनूठा बताया तथा कहा कि यह बीते दौर की दृश्य संस्कृति की आकर्षक झलक प्रस्तुत करती है। उन्होंने कहा कि यह पहल आईजीएनसीए के सदस्य सचिव डॉ. सच्चिदानंद जोशी की दूरदृष्टि का परिणाम है, जिनके निर्देशन में फिल्म आर्काइविंग से जुड़ी यह परियोजना प्रारंभ की गई।

शाम को चंडीगढ़ स्थित चित्कारा विश्वविद्यालय के फाइन आर्ट्स विभाग के छात्रों की पेंटिंग प्रदर्शनी का उद्घाटन अनुराग पुनेठा ने किया। महोत्सव के तीसरे दिन ‘डॉक्यूमेंट्रीज की दृष्टि’ विषय पर एक और पैनल चर्चा आयोजित की जाएगी, वहीं आईजीएनसीए द्वारा निर्मित डॉक्यूमेंट्री ‘अ न्यू पोस्ट बॉक्स’ का भी प्रदर्शन किया जाएगा।

 

 

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