मुंबई के खिलाफ करारी हार के बाद ऋषभ पंत की कप्तानी पर एक बार फिर सवाल उठने शुरु हो गए हैं। दिग्गजों ने पंत को ‘फायरिंग लाइन’ से हटाने और कप्तानी छीनने की मांगी की है।
मुंबई इंडियंस और लखनऊ सुपर जॉइंट्स (LSG) के बीच सोमवार को आईपीएल 2026 का एक अहम मुकाबला खेला गया। जिसमें लखनऊ एक बार फिर करारी हार का सामना करना पड़ा। यह लखनऊ की लगातार छठी है। मुंबई के हाथों मिली इस हार के बाद एक बार फिर ऋषभ पंत को लखनऊ की कप्तानी से हटाने की मांग तेज हो गई है।
LSG अब तक खेले गए 9 मैच में सिर्फ 2 में ही जीत दर्ज कर पाई है और 4 पॉइंट्स के साथ अंकतालिका में सबसे नीचे 10वें स्थान पर है। टीम के लगातार खराब पदर्शन के बाद कई दिग्गजों ने LSG मैनेजमेंट से पंत को कप्तानी से हटाने की मांग की है। आईपीएल इतिहास के सबसे महंगे खिलाड़ी ऋषभ पंत भी तक इस सीजन में बल्लेबाजी या कप्तानी से कोई बड़ा कारमाना नहीं कर पाए हैं।
पंत को कप्तानी से हटाने की मांग
ऋषभ पंत को कप्तानी से हटाने की मांग सबसे पहले दिग्गज खिलाड़ी वसीम जाफर ने की थी। उन्होंने इसके पीछे तर्क दिया था कि पंत कप्तानी के दबाव के कारण अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पा रहे हैं। ऐसे में उनसे कप्तानी की जिम्मेदारियां ले लेनी चाहिए, ताकि वो खुलकर खेल सके और अपनी बल्लेबाजी पर फोकस कर सके। जाफर ने पंत की जगह ऐडन मारक्रम को कप्तानी दिए जाने की वकालत की थी।
वसीम जाफर के बाद अब पूर्व क्रिकेटर मनोज तिवारी और रोहन गावस्कर ने भी LSG मैनेजमेंट से ऐसी ही मांग की है। दोनों ने कहा कि पंत पर कप्तानी के चलते अतिरिक्त भार पड़ रहा है। जिसके चलते वो अपने टी20 वाले विध्वंसक अवताार में बल्लेबाजी नहीं कर पा रहे हैं। पंत ने सीजन में लखनऊ के लिए 9 मैच खेले हैं। जिसमें उन्होंने कुल 204 रन बनाए हैं और उनका स्ट्राइक रेट सिर्फ 128.3 का है जो टी-20 क्रिकेट के लिहाज से काफी नीचे हैं।
पंत को बैटिंग पर फोकस करने की जरूरत
रोहन गावस्कर ने क्रिकबज से बात करते कहा कि, एक बार लखनऊ के मालिक संजीव गोयनका ने कहा था कि वो चाहते हैं कि ऋषभ पंत एक विरासत तैयार करें। लखनऊ सुपर जॉइंट्स के लिए अगले 10-15 साल तक खेलें और ट्रॉफी जीतें। गावस्कर ने कहा कि लेकिन कभी-कभी आपको कुछ खिलाड़ियों को फायरिंग लाइन से बाहर निकालना होता है। LSG मैनेजमेंट को अब इस सीजन यह फैसला करना पड़ेगा कि वो उन्हें कप्तान बनाए रखना चाहते हैं या नहीं। पंत को आजाद छोड़ देना चाहिए और उन्हें अपनी बैटिंग पर फोकस करना चाहिए। सबको पता है कि टी-20 में किस दर्जे के खिलाड़ी हैं और वो समय आने पर क्या कर सकते हैं।
