नई दिल्ली, जापान के आइची-नागोया में आगामी 19 सितंबर से शुरू होने जा रहे एशियन गेम्स 2026 के लिए भारतीय दल ने अपनी तैयारियों को अंतिम रूप देना शुरू कर दिया है। कॉमनवेल्थ गेम्स में स्वर्ण पदक जीतने वाली जुडोका अस्मिता डे और शीर्ष टेबल टेनिस खिलाड़ी पायस जैन ने अपनी ट्रेनिंग पर पूरा फोकस कर लिया है, और वे प्रतियोगिता से कुछ दिन पहले ही जापान पहुंचकर वहां के माहौल में ढलने की तैयारी कर रहे हैं ताकि कड़े मुकाबलों में बेहतरीन प्रदर्शन किया जा सके।
हॉकी और कबड्डी टीमों में भी स्वर्ण पदक की उम्मीद, पवन सहरावत और दिलीप टिर्की ने साझा की तैयारी
हॉकी इंडिया के अध्यक्ष दिलीप टिर्की ने भारतीय टीमों से शानदार प्रदर्शन की उम्मीद जताई है, हालांकि उन्होंने माना कि पुरुष हॉकी टीम को पिछले प्रदर्शन की कमियों से सीख लेकर आगे बढ़ना होगा। वहीं, स्टार कबड्डी खिलाड़ी पवन सहरावत ने बताया कि पूरी टीम पिछले 8-9 महीनों से लगातार कैंप में पसीना बहा रही है, और उनका एकमात्र लक्ष्य 2023 की तरह इस बार भी पोडियम पर शीर्ष स्थान हासिल करते हुए देश के लिए स्वर्ण पदक जीतकर लौटना है।
क्रिकेट टीमों से भी गोल्ड जीतने की पूरी उम्मीद, 2023 के रिकॉर्ड प्रदर्शन को पार करने का लक्ष्य
बीसीसीआई के उपाध्यक्ष राजीव शुक्ला ने विश्वास जताया है कि एशियन गेम्स में भाग लेने वाली पुरुष और महिला दोनों भारतीय क्रिकेट टीमें पूरी तरह तैयार हैं और देश के लिए स्वर्ण पदक लेकर लौटेंगी। इस महामुकाबले में भारत का मुख्य उद्देश्य पिछले वर्ष यानी 2023 के अपने ऐतिहासिक पदक रिकॉर्ड को पीछे छोड़ते हुए विभिन्न खेल विधाओं में देश का मान बढ़ाना है।

