चेन्नई, 02 मई (वार्ता) तमिलनाडु के लिए कोयला और लिग्नाइट ईंधन की आपूर्ति व्यवस्था मजबूत करने के विषय पर शुक्रवार को चेन्नई में एक उच्च स्तरीय बैठक में चर्चा की गयी।
बैठक में केंद्रीय कोयला सचिव विक्रम देव दत्त, राज्य के मुख्य सचिव एन. मुरुगनंदम और कोयला तथा बिजली कंपनियों के प्रतिनिधि शामिल थे।
केंद्रीय कोयला मंत्रालय की एक विज्ञप्ति के अनुसार अधिकारियों ने राज्य में बिजली की अनुमानित मांग, लिग्नाइट और कोयले की उपलब्धता तथा गर्मियों और मानसून के मौसम के दौरान पीक लोड की स्थिति से निपटने के लिए आवश्यक सक्रिय उपायों पर बातचीत की। बैठक में नेवेली लिग्नाइट कॉर्पोरेशन इंडिया लिमिटेड(एनएलसीआईएल) से संबंधित भूमि अधिग्रहण, नेवेली की खदानों में ओवरबर्डन (ऊपर के कंकड-पत्थर से रेत (एम-सैंड) बनाए जाने को बढ़ावा देने के लिए आवश्यक सुविधा, लिग्नाइट खदानों के लिए भूमि अधिग्रहण, नेवेली हवाई अड्डे का संचालन शुरू करने और तमिलनाडु ग्रीन एनर्जी कॉर्पोरेशन लिमिटेड (टीएनजीईसीएल) और एनएलसीआईएल के बीच संयुक्त उद्यम के गठन के मुद्दों पर भी चर्चा की गई।
विज्ञप्ति के अनुसार इस काम के लिए राज्य सरकार आवश्यक सहायता प्रदान करेगी।
बैठक में एनएलसीआईएल के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक प्रसन्ना कुमार मोटुपल्ली, कोयला मंत्रालय में संयुक्त सचिव संजीव कुमार कास्सी, कोल इंडिया लिमिटेड के निदेशक (विपणन) मुकेश चौधरी और तमिलनाडु पावर जनरेशन कॉरपोरेशन लिमिटेड के प्रबंध निदेशक डॉ. एल्बी जॉन वर्गीस भी शामिल थे।
