
नई दिल्ली, 29 नवंबर, 2025: देश के सबसे बड़े निजी क्षेत्र के बैंक HDFC Bank पर भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने बड़ा एक्शन लिया है। केंद्रीय बैंक ने रेगुलेटरी और स्टैच्यूटरी नियमों के उल्लंघन के कारण बैंक पर 91 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। RBI ने स्पष्ट किया है कि यह दंड ब्याज दरों से संबंधित दिशानिर्देशों, वित्तीय सेवाओं के आउटसोर्सिंग में जोखिम प्रबंधन और KYC अनुपालन में पाई गई कमियों के लिए लगाया गया है।
outsourced KYC नियमों के उल्लंघन और आउटसोर्सिंग में चूक
RBI के अनुसार, बैंक में कई मामलों में KYC कंप्लायंस का काम बाहरी एजेंटों को आउटसोर्स किया गया था। बैंकिंग नियमों के मुताबिक, KYC जैसे संवेदनशील कार्यों की अंतिम जिम्मेदारी बैंक की ही होती है, लेकिन HDFC Bank ने इसका उल्लंघन किया। इसके अतिरिक्त, जाँच में यह भी पाया गया कि बैंक ने किसी एक ही लोन कैटेगरी में कई अलग-अलग बेंचमार्क अपनाए, जिससे ब्याज दर तय करने की प्रक्रिया में पारदर्शिता की कमी थी।
जुर्माना ग्राहक सेवा पर नहीं डालेगा प्रभाव
बैंक ने इस संबंध में जारी एक बयान में कहा है कि यह जुर्माना लगाने के बावजूद, बैंक की किसी भी ग्राहक सेवा पर कोई नकारात्मक प्रभाव नहीं पड़ेगा। RBI की यह कार्रवाई उसकी वार्षिक Statutory Inspection for Supervisory Evaluation के बाद की गई। इसी के साथ, RBI ने ‘गवर्नेंस इश्यूज़’ से जुड़े नियमों का पालन न करने पर मन्नाकृष्णा इन्वेस्टमेंट्स पर भी 3.1 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है।
