तेहरान/वॉशिंगटन, अमेरिका और ईरान के बीच मध्य पूर्व में सैन्य संघर्ष एक बार फिर भड़क उठा है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) द्वारा स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में ईरान के पांच तेल टैंकरों को निशाना बनाकर तबाह किए जाने के कुछ ही घंटों बाद, ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने जवाबी कार्रवाई करते हुए जॉर्डन में स्थित अमेरिकी अल-अजराक सैन्य बेस पर 20 बैलिस्टिक मिसाइलें दाग दीं। जॉर्डन की सेना के अनुसार उनके एयर डिफेंस सिस्टम ने अधिकांश मिसाइलों को हवा में ही नष्ट कर दिया, जिससे किसी भी अमेरिकी सैनिक के हताहत होने की खबर नहीं है।
ईरान ने अमेरिका का रहस्यमयी अंडरवॉटर ‘डाइव-एलडी’ ड्रोन कब्जे में लिया, तस्वीरें कीं जारी
इस सैन्य टकराव के बीच IRGC ने एक और बड़ा दावा करते हुए स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से अमेरिकी नौसेना के एक अत्याधुनिक अंडरवॉटर ड्रोन को अपने कब्जे में लेने की घोषणा की है। ईरान ने इसके समर्थन में तस्वीरें भी जारी की हैं, जो अमेरिकी कंपनी एंड्यूरिल के ‘डाइव-एलडी’ (Dive-LD) मॉडल से हूबहू मेल खाती हैं। यह मानवरहित ड्रोन समुद्र के भीतर खुफिया जानकारी जुटाने, निगरानी रखने और समुद्री सुरंगों की तलाश करने में माहिर है, हालांकि इस पर अमेरिकी प्रशासन की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।
समुद्री व्यापार मार्गों पर मंडराया बड़ा खतरा, वैश्विक अर्थव्यवस्था पर पड़ सकता है असर
दोनों देशों के बीच बढ़ते इस प्रत्यक्ष सैन्य संघर्ष से खाड़ी देशों के सामरिक और व्यावसायिक समुद्री मार्गों पर गंभीर खतरा मंडराने लगा है। ब्रेंट क्रूड की कीमतों में पहले से ही तेजी देखी जा रही है, और यदि यह तनाव और अधिक बढ़ता है, तो वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति तथा अंतरराष्ट्रीय व्यापार पर इसका गहरा और नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है, जिस पर दुनिया भर की बड़ी अर्थव्यवस्थाओं की पैनी नजर बनी हुई है।

