
जबलपुर। मप्र हाईकोर्ट से अनूपपुर के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मोहम्मद इसरार मंसूरी को झटका लगा है। दरअसल दो साल पूर्ण होने से पहले किये गये स्थानातंगरण को कटघरे में रखा गया था। जस्टिस एमएस भट्टी की एकलपीठ ने अनूपपुर से भोपाल किये गये तबादले को चुनौती देने वाली उनकी याचिका निरस्त कर दी है। एकलपीठ ने अपने आदेश में कहा है कि प्रकाश सिंह बादल के निर्णय का लाभ नहीं दिया जा सकता क्योंकि वह ऑपरेशनल ड्यूटी में नहीं है और उनका अनूपपुर से भोपाल किया गया तबादला उचित है।
दरअसल एएसपी मोह इसररा मंसूरी ने अपने 2 सितंबर 2025 को भोपाल किये गये स्थानातंरण को चुनौती देते यह मामला दायर किया था। जिसमें कहा गया था कि उनकी पदस्थापना के अभी अनूपपुर में दो वर्ष नहीं हुए है।इसलिए सुप्रीम कोर्ट द्वारा पारित आदेश प्रकाश सिंह के आधार पर दो वर्ष पूर्व उनका तबादला नहीं किया जा सकता। इतना ही नहीं आवेदक की ओर से तर्क दिया गया कि उनके बच्चें कटनी में पढ़ रहे हैं तथा उनकी पत्नी अनूपपुर जिले में प्राइवेट कॉलेज में पढ़ा रही हैं। इसलिए उनका तबादला भोपाल किया जाना अनुचित है। मामले में शासन की ओर से शासकीय अधिवक्ता अनुभव जैन व अनावेदक एएसपी जगन्ननाथ मरकाम की ओर से अधिवक्ता मनोज कुशवाहा व कौशलेन्द्र सिंह ने पक्ष रखा।
