
तेलअवीव। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की सख्त चेतावनी और अल्टीमेटम की समयसीमा पूरी होने से पहले इजरायल ने ईरान पर बड़ा सैन्य हमला कर हालात को और विस्फोटक बना दिया है। भारतीय समयानुसार कल तड़के 3:30 बजे अल्टीमेटम खत्म होना था, लेकिन उससे पहले ही इजरायली बलों ने ईरान के रेल नेटवर्क और अहम पुलों को निशाना बनाते हुए हमले शुरू कर दिए, जिससे पहले से जारी युद्ध अब निर्णायक और खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है।
इसी बीच ट्रंप का एक तीखा और भावनात्मक बयान भी सामने आया है, जिसमें उन्होंने आशंका जताई कि एक पूरी सभ्यता खत्म हो सकती है। उन्होंने यह भी कहा कि यदि पूर्ण रूप से शासन परिवर्तन होता है और कम कट्टर नेतृत्व उभरता है, तो स्थिति में बड़ा बदलाव संभव है।
इस तेजी से बदलते घटनाक्रम के बीच खाड़ी क्षेत्र के देश भी भारी दबाव में हैं। वैश्विक व्यापार और तेल आपूर्ति पर असर पड़ने की आशंका के चलते अंतरराष्ट्रीय समुदाय की चिंता बढ़ गई है। आने वाले कुछ घंटे इस संघर्ष की दिशा तय करने में बेहद अहम माने जा रहे हैं।
ईरान और इजरायल के बीच जारी यह संघर्ष अब छठे सप्ताह में प्रवेश कर चुका है और हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं। दोनों देशों के बीच बढ़ती सैन्य कार्रवाई ने पूरे पश्चिम एशिया को तनाव की स्थिति में ला खड़ा किया है। इजरायल की ओर से तेहरान सहित कई अहम ठिकानों पर हमले किए जा रहे हैं, जबकि ईरान भी लगातार जवाबी कार्रवाई में जुटा हुआ है।
अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस पूरे घटनाक्रम के बीच ईरान को कड़ा अल्टीमेटम दिया था कि यदि तय समय सीमा तक स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को नहीं खोला गया, तो अमेरिका सख्त कदम उठाएगा। इसमें ईरान के ऊर्जा संयंत्रों और रणनीतिक ढांचे को निशाना बनाने की चेतावनी भी शामिल थी। हालांकि ईरान ने साफ कर दिया है कि जब तक उसे युद्ध में हुए नुकसान का मुआवजा नहीं मिलेगा, तब तक वह होर्मुज जलडमरूमध्य नहीं खोलेगा।
