भारत के ऐतिहासिक 600वें टेस्ट में देवदत्त पडिक्कल का नाबाद शतक

गॉल, 15 अगस्त (वार्ता) भारत ने अपने ऐतिहासिक 600 वें टेस्ट में देवदत्त पडिक्कल (नाबाद 131) के बेहतरीन शतक की बदौलत श्रीलंका के खिलाफ पहले टेस्ट के पहल दिन शनिवार को दो विकेट पर 288 रन बनाकर अपनी स्थिति बेहद मजबूत कर ली।

पहले दिन का खेल समाप्त हो गया है। आख़िरी सेशन में भारत ने केवल 20 ओवर में 91 रन बनाए हैं। भले ही श्रीलंका को दो विकेट मिले हैं, लेकिन पूरा दिन भारत के ही नाम रहा है। पंत और पडिक्कल के बीच अर्धशतकीय साझेदारी हो गई है और दोनों ही क्रीज़ पर बने हुए हैं। बारिश ने पहले दिन लगभग डेढ़ घंटे का समय बर्बाद किया। भारतीय टीम अच्छी स्थिति में है और वे दूसरे दिन भी दबदबे को बरकरार रखना चाहेंगे।

भारत ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का सही फैसला किया। पहले सत्र में भारत ने 27 ओवर में 101/1, दूसरे सत्र में 26 ओवर में 96/0 और तीसरे सत्र में 20 ओवर में 91/1 रन बनाये। पडिक्कल ने 178 गेंदों पर नाबाद 131 रन में 12 चौके और एक छक्का लगाया। यशस्वी जायसवाल 32 रन बनाकर रन आउट हुए। के एल राहुल 77 रन बनाकर रिटायर्ड हर्ट हुए। राहुल ने 162 गेंदों में नौ चौके और एक छक्का लगाया। कप्तान गिल 28 गेंदों में दो चौकों के सहारे 16 रन बनाकर पवेलियन लौटे। ऋषभ पंत 36 गेंदों में तीन चौकों और एक छक्के की मदद से 27 रन बनाकर क्रीज पर डटे हुए हैं।

बारिश की वजह से दूसरे सेशन की शुरुआत में देरी हुई, लेकिन एक बार खेल शुरू होने के बाद, कर्नाटक के दोनों बल्लेबाज़ों पडिक्कल और के एल राहुल ने आसानी से बैटिंग की। पडिक्कल और राहुल दोनों ने अपनी-अपनी फिफ्टी पूरी की और श्रीलंका बीच वाले सेशन में कोई मौका नहीं बना पाया। क्रैम्प्स की वजह से राहुल टी-ब्रेक के बाद बैटिंग नहीं कर पाए और उनकी जगह शुभमन गिल मैदान पर आए। उन्होंने पडीक्कल को अपना पहला टेस्ट शतक बनाते देखा, जो एक शानदार पारी थी, लेकिन भारतीय कप्तान प्रभात के खिलाफ आक्रामक होने की कोशिश में आउट हो गए। थोड़ी देर और बारिश होने के बाद, पंत और स्पिनरों के बीच दिलचस्प मुकाबला हुआ। कुछ अच्छे डिफेंसिव शॉट्स, कुछ ‘प्ले एंड मिस’ और उम्मीद के मुताबिक चार आक्रामक बाउंड्रीज़ लगीं। पिच में स्पिनरों के लिए बल्लेबाज़ों को परेशान करने का काफी मौका है, लेकिन यह कहना सही होगा कि श्रीलंका लगातार अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाई। क्या वे इसमें सुधार करेंगे? या भारत अपनी स्थिति मज़बूत करना जारी रखेगा? यह कल सुबह के सत्र में पता चलेगा।

भारत ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाज़ी का फ़ैसला किया था और के एल राहुल और यशस्वी जायसवाल की सलामी जोड़ी ने भारत को एक सधी हुई शुरुआत दिलाई थी। दोनों ने चौके के साथ अपना खाता खोला था। राहुल ने संभलकर बल्लेबाज़ी करते हुए अपनी पारी की शुरुआत की वहीं जायसवाल ने अपने शॉट्स खेले। हालांकि दोनों के बीच हुई गफ़लत के चलते 47 रनों की साझेदारी टूट गई और जायसवाल को अपना विकेट त्यागना पड़ा। जायसवाल 32 रन बनाकर आउट हुए जिसमें पांच चौके शामिल थे।

शुरुआती झटके का दबाव राहुल और पड़िक्कल ने भारत पर बनने नहीं दिया और लंच तक दोनों मिलकर भारत के स्कोर को 100 के पार ले गए। लंच तक भारत का स्कोर 101 पर एक विकेट था लेकिन ब्रेक के दौरान बारिश शुरू हो गई जिसके चलते दोबारा खेल दोपहर 2 बजे शुरू हो पाया। एक लंबे ब्रेक के बावजूद पड़िक्कल और राहुल ने भारत की मज़बूत शुरुआत को और मज़बूत कर दिया। पड़िक्कल के अर्धशतक के बाद राहुल ने भी अपना अर्धशतक पूरा किया और टी तक दोनों भारत के स्कोर को 197 तक ले गए।

हालांकि टी पर जाने से पहले राहुल को क्रैंप आया था और यह टी से लौटने के बाद भी जारी रहा जिसके चलते राहुल को मैदान में बल्लेबाज़ी के लिए आने के बाद वापस लौटना पड़ा। राहुल 77 के स्कोर पर रिटायर्ड हर्ट हुए और उनकी जगह बल्लेबाज़ी के लिए कप्तान गिल आए।

पड़िक्कल ने अपना शतक पूरा किया लेकिन गिल 16 के निजी स्कोर पर बड़ा शॉट खेलने के प्रयास में प्रभात जयसूर्या का शिकार बने। यह पहले दिन के खेल में श्रीलंका के किसी गेंदबाज़ के हिस्से में गया पहला और एकमात्र विकेट साबित हुआ। हालांकि एक बार फिर मैदान पर बारिश का आगमन हुआ लेकिन यह मुक़ाबले को ज़्यादा देर तक प्रभावित नहीं कर सका।

इसके बाद पड़िक्कल और ऋषभ पंत ने भारत की पारी को आगे बढ़ाया और दिन का खेल ख़त्म होने तक दोनों नाबाद ही पवेलियन लौटे। तीसरे सत्र में भारत ने कुल 91 रन बनाए जिसमें पड़िक्कल और पंत के बीच नाबाद 52 रनों की साझेदारी हुई है। पहले दिन कुल 73 ओवरों का खेल हुआ और अंत में ख़राब रोशनी के चलते अंपायरों ने पहले दिन के खेल को समाप्त करने का फ़ैसला किया।

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