वाराणसी, 12 अगस्त (वार्ता) काशी हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) में 28 जुलाई को तेलुगु विभाग के विभागाध्यक्ष प्रो. सी.एस. रामाचंद्र मूर्ति पर हमला कराने वाले आरोपी को मंगलवार रात लंका थाना क्षेत्र के नुआव में पुलिस ने मुठभेड़ के दौरान गिरफ्तार कर लिया।
तेलुगु विभाग के एक प्रोफेसर ने निजी मनमुटाव के कारण प्रो. मूर्ति पर हमले की साजिश रची थी। इस प्रोफेसर ने दक्षिण भारत के तेलंगाना निवासी अपने पूर्व शोध छात्र के माध्यम से प्रयागराज के प्रमोद उर्फ गणेश पासी को इस काम के लिए तैयार किया। प्रमोद ने गाजीपुर के दो बदमाशों के जरिए इस घटना को अंजाम दिलवाया।
पुलिस उपायुक्त (अपराध शाखा) सरवणन टी. ने बताया कि 28 जुलाई को बीएचयू परिसर में प्रो. मूर्ति पर हुए हमले में उन्हें गंभीर चोटें आई थीं। मंगलवार को गोपनीय सूचना के आधार पर लंका पुलिस को जानकारी मिली कि हमला करवाने वाला आरोपी नुआव इलाके में मौजूद है। पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए क्षेत्र की घेराबंदी की। इस दौरान अपराधी ने पुलिस पर गोली चलाई।
पुलिस की जवाबी कार्रवाई में अपराधी के पैर में गोली लगी, जिसके बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया। घायल अपराधी को उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। उसकी पहचान प्रयागराज के मेजा निवासी प्रमोद उर्फ गणेश पासी के रूप में हुई है। पुलिस उससे पूछताछ कर रही है और उसके आपराधिक इतिहास की जांच कर रही है। उसके पास से एक तमंचा भी बरामद किया गया है।
