इंदौर:वन विभाग ने जंगल की जमीन पर कब्जा कर की जा रही अवैध खेती के खिलाफ बड़ा अभियान चलाते हुए अलग-अलग क्षेत्रों में 12.5 हेक्टेयर वन भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराया. चोरल फॉरेस्ट में जहां 20 किलोमीटर अंदर पहुंचकर 3 हेक्टेयर जमीन खाली कराई गई, वहीं कम्पेल सबरेंज के नयापुरा और पीपल्दा बीट में भी बड़े स्तर पर कार्रवाई की गई.
चोरल फॉरेस्ट रेंज में क्षेत्र नम्बर 180 में अवैध कब्जे की सूचना पर करीब 30 वनकर्मियों की टीम सुबह 8 बजे जेसीबी और संसाधनों के साथ रवाना हुई. टीम ने जंगल के भीतर करीब 20 किमी दूर पहुंचकर 3 हेक्टेयर जमीन से अतिक्रमण हटाया और जेसीबी से खंतियां खोदकर कब्जा समाप्त किया. यह कार्रवाई शाम 4 बजे तक करीब 8 घंटे चली. इसके बाद खाली कराई गई जमीन पर 5 प्रजातियों के करीब 50 किलो बीज भी डाले.
कम्पेल, नयापुरा और पीपल्दा में भी अतिक्रमण हटाया
इधर, मुख्य वन संरक्षक पीएन मिश्रा के निर्देशन और डीएफओ लाल सुधाकर सिंह के आदेश पर वन परिक्षेत्र इंदौर के कम्पेल सबरेंज में भी सघन कार्रवाई की गई. वन परिक्षेत्राधिकारी संगीता ठाकुर के नेतृत्व में कक्ष क्रमांक 224 (नयापुरा बीट) में 2 हेक्टेयर, कक्ष क्रमांक 223 (नयापुरा) में 3.5 हेक्टेयर और कक्ष क्रमांक 226 (पीपल्दा बीट) में 4 हेक्टेयर वन भूमि से अतिक्रमण हटाया. यहां ग्रामीणों द्वारा अवैध खेती की जा रही थी.
लगातार निगरानी और सख्त कार्रवाई जारी रहेगी
कार्रवाई के दौरान जेसीबी से वन और राजस्व भूमि के बीच सीपीटी (खाई) खोदकर स्पष्ट सीमा रेखा भी बनाई गई, ताकि दोबारा कब्जा न हो सके. डीएफओ सुधाकर लाल का कहना है कि बारिश से पहले जंगलों में अवैध खेती के प्रयास बढ़ जाते हैं, ऐसे में लगातार निगरानी और सख्त कार्रवाई जारी रहेगी
