नयी दिल्ली, 13 दिसंबर (वार्ता) आयकर विभाग की जांच में पंजीकृत गैर-मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों का इस्तेमाल हवाला लेनदेन के लिए करने की बात सामने आयी है। केंद्रीय प्रत्यक्ष आयकर बोर्ड (सीबीडीटी) ने शनिवार को बताया कि उसने आयकर रिटर्न में छूट के फर्जी दावों की जांच के दौरान पाया कि पंजीकृत गैर-मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों या धर्मार्थ संस्थानों को चंदे के नाम पर बड़े पैमाने पर छूट के दावे किये गये हैं। इसके लिए कई बिचौलियों ने देश भर में अपना नेटवर्क बना रखा है, जो पैसे लेकर आयकर दाताओं के गलत दावे वाले रिटर्न भरते हैं।
विभाग ने बताया कि जांच के दौरान पता चला कि इन राजनीतिक दलों में से कई आयकर रिटर्न नहीं भर रहे हैं, अपने पंजीकृत पते पर सक्रिय नहीं हैं और किसी तरह की राजनीतिक गतिविधियों में शामिल नहीं हैं। उनका इस्तेमाल पैसे इधर-उधर करने, हवाला लेन-देन, सीमा पार पैसे भेजने और दान की फर्जी रसीद जारी करने के लिए किया जा रहा है। आगे की जांच में यह भी पता चला कि कई कंपनियां सीएसआर के नाम पर इन राजनीतिक दलों और धर्मार्थ संस्थानों को चंदा देने की बात भी अपनी रिपोर्ट में दिखा रही हैं। विभाग ने लोगों से अपील की है कि यदि आंकलन वर्ष 2025-26 के उनके रिटर्न में कोई गलत दावा किया गया है कि तो वे अपने रिटर्न को अपडेट कर सकते हैं। उसने सेक्शन 80जीसीसी और 80जी के तहत छूट का दावा करने वाले करदाताओं को रिटर्न में उल्लिखित मोबाइल नंबर और ई-मेल पर भी शुक्रवार से इस संबंध में सूचना देनी शुरू कर दी है।

