ग्वालियर:यहां के 26 सरकारी अस्पतालों में एक साथ एचआरपी क्लीनिक लगाकर 923 गर्भवती माताओं की जाँच की गई। इनमें से 361 महिलाओं को हाई रिस्क (अधिक जोखिम) गर्भवती माताओं के रूप में चिन्हित किया गया। इन महिलाओं को निर्धारित प्रोटोकॉल के तहत दवाएँ व उपचार उपलब्ध कराया गया। कलेक्टर ने चिन्हित हाई रिस्क गर्भवती माताओं का प्रसव होने तक लगातार फोलोअप कराने के निर्देश स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को दिए है।
मातृ एवं शिशु मृत्यु दर पर प्रभावी अंकुश लगाने के उद्देश्य से सुव्यवस्थित ढंग से प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान चलाया जा रहा है। अभियान के तहत हाईरिस्क गर्भवती माताओं के चिन्हांकन व जांच के साथ-साथ उन्हें जरूरी स्वास्थ्य सेवायें मुहैया कराई जा रही हैं। चिन्हित स्वास्थ्य संस्थाओं में एचआरपी क्लीनिक लगाकर हाईरिस्क गर्भवती माताओं की जांच की जाती है।
जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. दीपाली माथुर के अनुसार एचआरपी क्लीनिक में 923 गर्भवती महिलाओं की निःशुल्क सोनोग्राफी, हीमोग्लोवबिन सहित खून की अन्य जांचे और यूरिन की जांच भी कराई गई। जाँच में 361 महिलायें हाईरिस्क गर्भवती पाई गई हैं। इनमें से 11 महिलाओं को अस्पताल में भर्ती कराया गया। साथ ही 261 महिलाओं की अल्ट्रासोनोग्राफी जांच की गई। इस दौरान 69 महिलाओं को आयरन सुक्रोज इंजेक्शन लगाया गया
