इंदौर: मांगल्या-व्यासखेड़ी मार्ग पर प्रशासनिक प्रतिबंध और लगातार लग रहे ट्रैफिक जाम ने एक बार फिर जानलेवा रूप ले लिया. जिसके चलते गारी पिपलिया में रहने वाले 28 वर्षीय युवक को हार्ट अटैक आने के बाद परिजन समय पर अस्पताल नहीं पहुंचा सके और रास्ते में ही उसकी मृत्यु हो गई. घटना के बाद ग्रामीणों और किसान नेताओं ने बंद सड़क को तत्काल खोलने और जिम्मेदार अफ़सरों पर कार्रवाई की मांग उठाई है.
किसान नेता हंसराज मंडलोई ने बताया कि शांति नगर, गारी पिपलिया निवासी धीरज चौधरी पुत्र स्व. गणेश चौधरी को रात अचानक सीने में तेज दर्द हुआ. परिजन उसे इंदौर ले जाना चाहते थे, लेकिन मांगल्या-व्यासखेड़ी रोड पिछले दो माह से बंद है. मजबूरन वे देवास की ओर रवाना हुए. बीच रास्ते में सिंगापुर टाउनशिप मार्ग पर भारी जाम मिला, जिसे पार करके आगे बढ़े तो शिप्रा क्षेत्र में भी वाहनों की लंबी कतारें मिलीं. क¸रीब आधे घंटे की मशक्कत के बाद देवास पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने धीरज को देखते ही मृत घोषित कर दिया.
पूर्व सरपंच के हवाले से किसान नेता हंसराज मंडलोई ने कहा हमारे गांव से मांगल्या चौराहे की दूरी दो किलोमीटर भी नहीं है, वहीं इंदौर महज़ दस किलोमीटर पर है. सड़क बंद होने और लगातार जाम लगने से अब तक कई आपातकालीन मरीज़ दम तोड़ चुके हैं. प्रशासन और जनप्रतिनिधि आखिर हमें किस बात की सज़ा दे रहे हैं. देवेंद्र सिसोदिया और सेवसिंह पटेल सहित अन्य ग्रामीणों ने सवाल उठाया कि क्षेत्रीय विधायक तुलसी सिलावट और ज़िला प्रशासन लोगों की जान जोखिम में डालने वालों पर कार्रवाई क्यों नहीं कर रहे. उनका कहना है कि जाम में फंसे एम्बुलेंस और निजी वाहन रोज़ाना देर से अस्पताल पहुंचते हैं, जिससे इलाज में अनमोल समय नष्ट होता है
