ग्वालियर: आजकल गृहस्थी में तनाव और क्लेश आम समस्या हो गई है लेकिन जिस घर में पति-पत्नी मिलकर भगवान के नाम का संकीर्तन मिलकर करते हैं, उस घर में कभी क्लेश नहीं होता और आनंद ही आनंद रहता है। बच्चों को भी साथ बैठाकर पूरा परिवार कुछ पल नाम संकीर्तन करें, तो घर में खुशहाली छा जाएगी और बिना मांगे सब कुछ मिल जाएगा। यह विचार नवीन बिहारी महाराज ने कोयला वाले हनुमान मोतीझील पर आयोजित हो रही श्रीमद्भागवत कथा के दौरान गुरूवार को व्यक्त किए।
उन्होंने कहा कि जो लोग कहते हैं कि हमें भगवान नाम के संकीर्तन का समय नहीं मिलता, वे बहानेवाजी करते हैं, क्योंकि भगवान नाम के संकीर्तन के लिए अलग से समय की जरूरत ही नहीं हैं। अपने नित्य काम करते हुए नाम संकीर्तन किया जा सकता है। घर की सफाई करते, कपड़े धोते, खाना बनाते और वाहन चलाते भगवत नाम का संकीर्तन किया जा सकता है। सदैव मन में भगवान का स्मरण करते रहें, जीवन कल्याणकारी हो जाएगा।
नवीन बिहारी महाराज ने बताया कि शाम के समय कभी शयन नहीं करना चाहिए,ऐसा करने से अगले जन्म में अजगर यौनि मिलती है। जिनके पति परदेश में हैं, ऐसी स्त्रियों को संध्या समय श्रंगार भी नहीं करना चाहिए। यहां तक की संध्या समय पढऩा भी नहीं चाहिए। इस मौके पर मंदिर के चरण सेवक संतोष भैया, कथा संयोजक प्रेम बरोनियां, कथा परीक्षत सुंदरलाल दीवान, लीलावती बघैल, रूमाली आदराम, टीकाराम,रामबेटी समैत सैकड़ों श्रद्धालु मौजूद रहे।
