बेंगलुरु, 28 जून (वार्ता) बीमा एजेंसी का कारोबार करने वाली कंपनी फ्रेओ ने बीमा जागरूकता दिवस के अवसर पर एम अनोखी पहल शुरू कर की है जिसमें पॉलिसी खरीदने से पहले स्वास्थ्य बीमा को समझाने की कोशिश की जा रही है।
फ्रेओ को हाल ही में कॉर्पोरेट एजेंसी लाइसेंस मिला है। कंपनी ने आज यहां कहा कि देश में बीमा कवरेज भले ही बढ़ रहा है लेकिन इसे समझने की रफ़्तार अभी भी धीमी है। हर 10 में से 8 पॉलिसीधारकों को यह तक नहीं पता होता कि उनकी बीमा पॉलिसी क्या कवर करती है, क्या नहीं करती और दावा कैसे किया जाता है। यही वजह है कि उसने बीमा को बेचने से पहले समझाने की पहल की है।
फ्रेओ ने एक खास पहल की शुरुआत की है, जिसका मकसद है स्वास्थ्य बीमा को सरल, पारदर्शी और तनाव-मुक्त बनाना, ताकि लोग पूरे आत्मविश्वास के साथ सही फैसले ले सकें। आज भी भारत में लाखों लोग बीमा इसलिए नहीं लेते क्योंकि वे इसे समझ ही नहीं पाते। समस्या पैसों की नहीं है, समझ की है। भारी-भरकम शब्दों, छिपी शर्तों, और “कुछ भी कवर नहीं होता” वाली फीलिंग के चलते ज़्यादातर लोग बीमा से कतराते हैं।
फ्रेओ के सीईओ और सह-संस्थापक कुणाल वर्मा ने कहा कि भारत में ज़्यादातर बीमा प्लेटफॉर्म और ब्रांड सिर्फ बीमा बेचने की दौड़ में लगे हैं। लेकिन सवाल ये है क्या लोगों को सही में पता है कि उन्होंने क्या खरीदा। बीमा बेचना ज़रूरी है, लेकिन उससे कहीं ज़रूरी है लोगों को इसे समझाना। हमारा मानना है कि बीमा लोगों को उलझाए नहीं, सशक्त बनाए। यही सोच लेकर ये पहल शुरू की गयी है ताकि हर भारतीय भरोसे और समझदारी से फैसला ले सके।
