
मंडला।यहां आयोजित विवाह कार्यक्रम में 1121 जोड़ों का विवाह कराया गया और प्रदेश की 1 करोड़ 27 लाख से अधिक बहनों के खातों में लाडली बहना योजना की 23वीं किस्त के 1552 करोड़ 38 लाख की राशि का अंतरण किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 232.08 करोड़ रुपये की लागत वाले 66 निर्माण कार्यों का भूमिपूजन एवं लोकार्पण भी किया, जिसमें 150.46 करोड़ रुपये की 28 विकास परियोजनाएं शामिल हैं जिनका भूमिपूजन हुआ, और 81.62 करोड़ रुपये की लागत से पूर्ण हो चुके 38 निर्माण कार्यों का लोकार्पण किया। मुख्यमंत्री ने संपतिया उइके की मांग पर ग्राम सुरखी से इंद्री के बीच 16.61 करोड़ की लागत से पुल बनाने की घोषणा की। इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने भारतीय महिला क्रिकेट टीम में शामिल हुई मंडला की बेटी शुचि उपाध्याय को मंच से सम्मानित किया।
मुख्यमंत्री का आगमन तय समय से एक घंटे देरी से हुआ। मुख्यमंत्री दोपहर करीब 2.30 बजे मंडला पहुंचे।
इसके पहले कैबिनेट मंत्री ने जनजातिय आभूषण पहनाया, सांसद ने पारंपरिक साफा पहनाया। लाड़ली बहनों ने गौड़ी चित्र भेंट किया। वहीं जिला पंचायत अध्यक्ष संजय कुशराम ने पुष्प गुच्छ भेंट किया। इस दौरान मंच में मौजूद अतिथियों का स्वागत किया गया। सर्वप्रथम मंडला सांसद फग्गन सिंह कुलस्ते ने सभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री द्वारा प्रदेश के विकास में किये जा रहे कार्यो के विषय में विस्तार से बताया। इसके बाद उन्होंने बंजर नदी में बने टिकरवारा और हिरदेनगर पुल का नाम शंकर शाह, हद्य हिरदय शाह के नाम से लोकार्पण करने के लिए कहां। इसके बाद उपस्थित भाजपा कार्यकर्ताओं ने विशाल फूलमाला से पहनाकर मुख्यमंत्री का स्वागत किया। कैबिनेट मंत्री संपतिया उइके संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री का स्वागत किया।
मध्यप्रदेश नदियों का है मायका :
मुख्यमंत्री
उद्बोधन देने से पहले लाड़ली बहनों समेत मंचासीन अतिथियों और कार्यक्रम में मौजूद सभी लोगों का अभिनंदन किया। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि वे बहादुरों की धरती पर पहुंचकर गौरवान्वित महसूस कर रहे हैं। उन्होंने अटल बिहारी वाजपेयी के नदी जोड़ो अभियान के सपने का उल्लेख करते हुए कहा कि जल्द ही 70 हजार करोड़ की लागत से पार्वती, कालीसिंध और चंबल परियोजना शुरू की जाएगी। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश को नदियों का मायका कहा जाता है, लेकिन कुछ स्थानों पर पानी की कमी से पलायन हो रहा था, अब नदी जोड़ो अभियान के माध्यम से ठीक किया जा रहा है। इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने उज्ज्वला योजना के तहत 55 लाख बहनों के खातों में गैस सिलेंडर की सब्सीडी 57 करोड़ 32 लाख दी गई है। इसके साथ ही इन्होने स्वर्ण प्रशासन का प्रतिवेदन का विमोचन किया।
बेघरों को मिलेगा घर, किसानों को मिलेगी बिल से मुक्ति
मुख्यमंत्री ने लोकार्पण और भूमिपूजन की बौछार करते हुए आगे कहां कि अब कोई भी गरीब भाई बहन बेघर नहीं होगा, जिनके गरीब भाई बहनों के पक्के मकान नहीं बने है, उनके पक्के मकान बनेंगे। जल्द ही ऐसे लोगों के नाम जोड़े जाएंगे और उन्हें पक्का घर मिलेगा। सरकार चार लोगों के लिए काम कर रही है जिसमें गरीब, महिला, युवा और किसान है। मुख्यमंत्री ने किसानों से कहां कि अब बिजली बिल भरने से छुटकारा मिल जाएगा। सरकार ने तय किया है कि जितने किसान बिजली कनेक्शन लेकर सिंचाई करते है, हम उन किसानों के लिए सोलर पंप लेकर आए है। अब किसानों के खेतों में सोलर लगाया जाएगा। जिससे किसानों को बिजली बिल भरने से मुक्ति मिल जाएगी। इसके साथ ही सोलर से ज्यादा बिजली बनने पर उसे विद्युत विभाग खरीदेगा भी।
संगीत कार्यक्रम में नेता, मंत्री और अधिकारी थिरके
टिकरवारा में मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह आयोजन के पूर्व संगीत कार्यक्रम में जिले के मंत्री, नेता और अधिकारी जमकर थिरकते नजर आए। विवाह सम्मेलन के संगीत कार्यक्रम में केबिनेट मंत्री संपतिया उइके, जनप्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारी झूमते नजर आए। इस दौरान पूरा माहौल उत्सवमयी हो गया। इस दौरान कैबिनेट मंत्री समेत अन्य जनप्रतिनिधियों ने जमकर न्यौछावर भी किया। बाराती और घराती भी इस उत्साह में पीछे नहीं रहे और उन्होंने भी नृत्य में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।
इस अवसर पर केबिनेट मंत्री संपतिया उइके ने विवाह में बंध रहे नए जोड़े को आशीर्वाद दिया और कहा कि यह योजना नारी सम्मान और सामाजिक सहयोग का सशक्त उदाहरण है। उन्होंने आयोजन की भव्यता और सहभागिता की प्रशंसा करते हुए इसे जनउत्सव की संज्ञा दी। कार्यक्रम में पारंपरिक वाद्ययंत्रों की धुन, सजावट और आदिवासी संस्कृति की झलक देखते ही बन रही थी। स्थानीय लोगों ने भी इस आयोजन को अभूतपूर्व बताया और कहा कि वर्षों बाद इतना जीवंत और सामाजिक रूप से महत्वपूर्ण आयोजन देखने को मिला है।
