
उज्जैन। महाकाल मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने होमगार्ड के 600 जवानों की तैनाती की घोषणा की थी. लेकिन यह योजना अब केवल कागजों में ही सिमट कर रह गई है. मंदिर की सुरक्षा का जिम्मा वर्तमान में क्रिस्टल इंटीग्रेटेड सर्विसेज कंपनी लिमिटेड के पास है. तीन माह पहले इस कंपनी का ठेका समाप्त होना था, लेकिन नई व्यवस्था लागू न होने के कारण इसका अनुबंध फिर तीन माह के लिए बढ़ा दिया गया है.
होमगार्ड की भर्ती और तैनाती की प्रक्रिया वेतन व्यवस्था पर आकर अटक गई है. मंदिर प्रबंध समिति और सरकारी अधिकारियों के बीच यह तय नहीं हो सका कि होमगार्ड के वेतन की जिम्मेदारी कौन उठाएगा. मंदिर के दान से वेतन देना संभव नहीं है और न ही सरकार की ओर से स्वीकृति मिली है. परिणामस्वरूप यह योजना ठंडे बस्ते में चली गई. उधर, क्रिस्टल कंपनी को तीन माह का ठेका और मिलने से इसके 500 कर्मचारियों को राहत मिली है.कंपनी ने खुशी में सांची के पेड़े और प्रसाद बांट कर इसे मनाया. हालांकि कर्मचारियों को अभी वेतन नहीं मिला है, और ऑडिट कारण बताते हुए प्रबंधन ने एक सप्ताह में वेतन मिलने की उम्मीद जताई है. महाकाल मंदिर में अब यह ठेका एक वर्ष तक जारी रहने की संभावना है.
