दैवेभो कर्मियों के नियमितिकरण के लिये बनायें पॉलिसी

जबलपुर:हाईकोर्ट ने सरकार को निर्देशित किया है कि कि 10 वर्ष से अधिक की सेवा देने वाले सभी दैवेभो को नियमितीकरण का लाभ देने सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन के तहत पॉलिसी बनाएं। जस्टिस विशाल मिश्रा की एकलपीठ ने मुख्य सचिव को इसके लिए एक स्क्रूटनी कमेटी बनाने के निर्देश दिये हैं। ये कमेटी प्रदेश के सभी विभागों में कार्यरत उन दैवेभो कर्मियों की जांच करेगी जिन्होंने 10 वर्ष से अधिक की सेवाएं दी हैं।

हाईकोर्ट ने इस आदेश की कॉपी राज्य के मुख्य सचिव को आवश्यक कार्रवाई एवं अनुपालन के लिए भेजने के निर्देश दिये है।जबलपुर निवासी लोक निर्माण विभाग में दैवेभो के रूप में कार्यरत अशोक कुमार व अन्य की ओर से 2023 में याचिका दायर कर नियमितिकरण की मांग की थी। याचिका में दलील दी गई थी कि उनके बाद नियुक्त हुए कई कनिष्ठ कर्मियों को नियमित कर दिया गया है.

लेकिन उनका दावा निरस्त कर दिया गया। मामले पर सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से उप महाधिवक्ता स्वप्निल गांगुली ने बताया कि सामान्य प्रशासन विभाग ने सभी विभागों के प्रमुख सचिवों को पत्र लिखकर 10 साल से अधिक सेवा कर चुके दैवेभो या अस्थाई कर्मचारियों की अनियमित (अवैधानिक नहीं) को नियमित करने की प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश जारी कर दिये हैं। ऐसे कर्मचारियों की जानकारियां एकत्र की जा रही हैं। सुनवाई पश्चात् न्यायालय ने उक्त निर्देश दिये।

Next Post

बड़ा निर्णय, अब अधीक्षण अभियंता स्वीकृत कर सकेंगे तत्काल आर्थिक सहायता

Tue May 6 , 2025
जबलपुर: मध्य प्रदेश पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी ने कहा है कि बिजली कार्मिकों के साथ होने वाली अप्रत्याशित दुर्घटनाओं में घायल कार्मिकों को तत्काल आर्थिक सहायता प्रदान करने का प्रावधान है, किन्तु अनेक कारणों के चलते इसमें विलंब हो जाता है। इसे देखते हुए कंपनी प्रबंधन ने एक आदेश […]

You May Like