जबलपुर: मध्य प्रदेश पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी ने कहा है कि बिजली कार्मिकों के साथ होने वाली अप्रत्याशित दुर्घटनाओं में घायल कार्मिकों को तत्काल आर्थिक सहायता प्रदान करने का प्रावधान है, किन्तु अनेक कारणों के चलते इसमें विलंब हो जाता है। इसे देखते हुए कंपनी प्रबंधन ने एक आदेश में कहा है कि अब तत्काल आर्थिक सहायता अधीक्षण अभियंता स्वीकृत कर सकेंगे।
पूर्व क्षेत्र कंपनी के मानव संसाधन एवं प्रशासन विभाग के द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि कंपनी में नियमित, संविदा एवं बाह्यस्त्रोत एजेंसी के माध्यम से नियोजित कार्मिकों के साथ कार्य के दौरान घटित घातक अथवा अघातक या मारपीट की घटनाओं से गंभीर रूप से घायल होने पर पीडित कार्मिकों को अधिकतम राशि 10,000 रुपये तत्काल आर्थिक सहायता प्रदान किये जाने का आदेश जारी किया गया है तथा क्षेत्रीय मुख्य अभियंता की अनुशंसा के आधार पर इस कार्यालय द्वारा स्वीकृति प्रदान की जा रही है।
क्षेत्रीय मुख्य अभियंता कार्यालयों से प्राप्त प्रकरणों के अवलोकन में पाया गया है कि प्रकरण अत्यंत विलम्ब से प्राप्त होते हैं एवं उनके साथ दस्तावेज अपूर्ण, अस्पष्ट एवं अपर्याप्त होते हैं, जिसके कारण से पीडित कार्मिकों को तत्काल आर्थिक सहायता प्राप्त नहीं हो पाती है। उपरोक्त के दृष्टिगत पीडित कार्मिकों को तत्काल आर्थिक सहायता प्रदान किये जाने के उद्देश्य से संबंधित अधीक्षण अभियंता को आर्थिक सहायता राशि स्वीकृत करने की शक्ति प्रदान किये जाने का निर्णय लिया गया है। संबंधित अधीक्षण अभियंता प्रकरण का भलीभांति परीक्षण कर तथा आवश्यकता को ध्यान में रखकर घटना घटित होने के 48 घण्टे के अंदर आर्थिक सहायता राशि स्वीकृत कर कार्मिक के खाते में भुगतान करावेंगे। यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू हो गया है।
