
जबलपुर। ऑपरेशन सिंदूर के बाद आतंकवाद को कतई बर्दाश्त नहीं करने का भारत का संदेश लेकर सात सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल प्रमुख साझेदार देशों का दौरा करेगा। जिसको लेकर राज्यसभा सांसद विवेक तंखा ने एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा है कि दुनिया की राजधानियों में 7 सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल भेजने की अवधारणा सराहनीय है। लेकिन दुर्भाग्य से यह कुछ अपवादों को छोड़कर सरकार के पसंदीदा लोगों की एक लंबी सूची की तरह लगता है मुद्दा “जम्मू- कश्मीर” है, लेकिन 7 प्रतिनिधिमंडलों में से किसी में भी एक भी कश्मीरी पंडित नहीं है। एक भूली हुई प्रजाति लगती है उन्होंने कहा कि परेशान करने वाली बात यह है कि के.पी. न तो पीएमओ इंडिया की सूची में शामिल हैं और न ही एलओपी द्वारा भेजी गई 4 लोगों की सूची में शामिल हैं। राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिनिधित्व करने वाले प्रतिनिधिमंडल में मध्य प्रदेश से एक भी व्यक्ति नहीं है।
विदित हो कि भारत ने आतंकवाद के खिलाफ जंग में एक बड़ा कदम उठाया है, ऑपरेशन सिंदूर के बाद, भारत की ओर से 7 सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल इस महीने के अंत में संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद और अन्य प्रमुख देशों का दौरा करेंगे। इनमें शशि थरूर, रविशंकर प्रसाद, संजय झा, बैजयंत पांडा, कनिमोई करुणानिधि, सुप्रिया सुले और श्रीकांत शिंदे शामिल हैं।
