भोपाल, 05 अगस्त (वार्ता) पिछले कुछ दिनों से लगातार सामने आ रहीं अटकलों को विराम देते हुए मध्यप्रदेश के पर्यटन राज्य मंत्री धर्मेंद्र भाव सिंह लोधी ने आज विधानसभा में कहा कि सरकार की ग्वालियर किले को होटल में तब्दील करने की कोई योजना नहीं है, जिस पर अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि सरकार को इस फैसले पर अडिग रहना चाहिए।
विधायक डॉ अभिलाष पांडेय, पंकज उपाध्याय और रमेश प्रसाद खटीक ने ध्यानाकर्षण सूचना के माध्यम से कहा कि ग्वालियर किले को होटल में तब्दील करने की कुछ समय से बात सामने आ रही है। उन्होंने कहा कि सरकार इस किले और इसके अंदर स्थित गुरुद्वारे के संरक्षण के लिए क्या कर रही है। श्री खटीक ने कहा कि ऐतिहासिक धरोहरों के साथ छेड़छाड़ रोकने के लिए सरकार क्या प्रयत्न कर रही है।
इस पर श्री लोधी ने कहा कि सरकार की इस किले को होटल में तब्दील करने की कोई योजना नहीं है। उन्होंने कहा कि ऐतिहासिक धरोहर को संरक्षित करने के लिए विभाग ने एमओयू किया है। राज्य की 18 धरोहरें यूनेस्को की विश्व हेरिटेज सूची में शामिल हैं, जिनमें से तीन खजुराहो, भीमबैठका और सांची स्थायी धरोहरों में सम्मिलित की गई हैं।
मंत्री का जवाब आने पर अध्यक्ष श्री तोमर ने कहा कि ऐतिहासिक धरोहरों का संरक्षण किसी क्षेत्र के सीएसआर से किए जाने के प्रयत्न चल रहे हैं। कई बार सरकारें नहीं कर पातीं हैं। भारत सरकार ने भी ये पहल की है, जिसके तहत लाल किले का भी इस प्रकार संरक्षण हो रहा है। वैसा ही एमओयू राज्य सरकार ने भी किया है।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार को किले को होटल में नहीं बदलने संबंधित अपने निर्णय पर अडिग रहना चाहिए क्योंकि लोगों का इससे भाव जुड़ा है। ग्वालियर किले स्थित भीम सिंह राणा की छतरी के संरक्षण के लिए भी सरकार को प्रयास करना चाहिए।

