इंदौर: नगर निगम ने निगम मुख्यालय भवन निर्माण का प्रस्ताव एमआईसी में जाने से रोक दिया है. बताया जाता है कि उक्त प्रस्ताव में कंसलटेंट ने कई वस्तुओं की दरें बहुत ज्यादा लगा दी है. इससे निगम को करोड़ों रुपए का नुकसान हो सकता था. निगम ने उक्त प्रस्ताव को वापस भेज दिया है और दरों को पुनरीक्षण करने का कहा है.
नगर निगम ने पिछले दिनों मुख्यालय भवन निर्माण को लेकर 452 करोड़ रुपए का प्रावधान किया था.
मुख्यालय भवन दो हिस्सों में 8 मंजिला ग्रीन बिल्डिंग का निर्माण किया जाना प्रस्तावित है. इसके लिए कंसलटेंट नियुक्त हो चुका है, लेकिन कुछ वस्तुओं की लागत कंसलटेंट ने बहुत ज्यादा लगा दी है, जिसकी दरें दिल्ली और मुंबई जैसे महंगे शहरों के समान बताई जा रही है. इससे निगम मुख्यालय भवन की लागत करोड़ों रुपए बढ़ गई है. ध्यान रहे कि उक्त मुख्यालय भवन निर्माण के प्रस्ताव को एमआईसी में पास करने के लिए रखने के तैयारी हो चुकी थी. बताया जाता है कि महापौर पुष्यमित्र भार्गव और निगम आयुक्त शिवम वर्मा ने कंसलटेंट द्वारा प्रस्तुत निर्माण सामग्री और वस्तुओं की दरों को लेकर चर्चा की, जिसमें कई वस्तुओं के दरें बहुत अधिक होने से प्रस्ताव एमआईसी में जाने से रोकने का निर्णय लिया गया.
दरों को पुनरीक्षण करने के आदेश
खबर की पुष्टि करते हुए आयुक्त शिवम वर्मा ने बताया कि कंसलटेंट के द्वारा कई वस्तुओं की दरें बहुत ज्यादा लगाई गई है. उक्त प्रस्ताव को एमआईसी में रखने से रोका गया है. साथ ही उक्त मामले में दरों को लेकर पुनरीक्षण करने के आदेश संबंधित अधिकारियों को दिए है.
