भोपाल। मुख्यमंत्री को मप्र कर्मचारी मंच ने पत्र लिखकर मांग की है. जिसमें प्रदेश के दैनिक वेतन भोगी श्रमिकों का वेतन निर्धारण केंद्र के समान योग्यता के आधार पर किए जाने का उल्लेख किया गया है. कर्मचारी मंच के प्रांताध्यक्ष अशोक पांडे ने बताया कि केंद्र सरकार दैनिक वेतन भोगी श्रमिकों का वेतन निर्धारण योग्यता के अनुसार करती है, लेकिन मध्य प्रदेश सरकार 20 साल पुराने इंडेक्स के आधार पर निर्धारण करती है. उन्होंने कहा कि योग्यता के आधार पर नहीं करती है जिस कारण मध्य प्रदेश के दैनिक वेतन भोगी श्रमिकों का वेतन कम निर्धारण किया जाता है, केंद्र सरकार ने योग्यता के आधार पर कुशल श्रमिक का वेतन 18066 रूपए, अर्ध कुशल श्रमिक का वेतन 19929 रूपए, कुशल श्रमिक का वेतन 21917 रुपए, गैर मैट्रिक श्रमिक का वेतन 19929 रूपए, मैट्रिक पास श्रमिक का वेतन 21917 रुपए, स्नातक उत्तीर्ण श्रमिक का वेतन 23817 रुपए, निर्धारित किया है, वही प्रदेश सरकार के श्रम विभाग में कुशल श्रमिक का वेतन 12125 रूपए, अर्ध कुशल श्रमिक का वेतन 13121रूपय, कुशल श्रमिक का वेतन 14844 रूपए, उच्च कुशल श्रमिक का वेतन 16469 रुपए, घोषित किया है. उन्होंने कहा कि यह वेतन कर्मचारियों के लिए केंद्र सरकार से बहुत कम है.
