ढाका, 13 अप्रैल (वार्ता) बंगलादेश में अंतरिम सरकार के अंतर्गत इस्लामी कट्टरपंथ में वृद्धि के आरोपों के बीच मुख्य सलाहकार मोहम्मद यूनुस ने रविवार को ढाका में अंतर्राष्ट्रीय बौद्ध मठ में एक समारोह में हिस्सा लिया और देश के नागरिकों से कल पोहेला बैसाख उत्सव को अपने पारंपरिक रीति-रिवाजों के अनुसार मनाने का आग्रह किया।
मुख्य सलाहकार यूनुस ने बंगलादेश बौद्ध महासंघ द्वारा आयोजित समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में ढाका में अंतर्राष्ट्रीय बौद्ध मठ में सम्प्रीति भवन की आधारशिला रखी।
द डेली स्टार के अनुसार, समारोह की अध्यक्षता उप संघराजा आदरणीय श्रीमत धर्मप्रिय महाथेरा ने की, जिसमें धार्मिक मामलों के सलाहकार डॉ. एएफएम खालिद हुसैन और चटगांव हिल ट्रैक्ट्स मामलों के सलाहकार सुप्रदीप चकमा सहित अन्य लोग उपस्थित हुए।
बाद में मुख्य सलाहकार ने मुख्य प्रार्थना कक्ष और मठ का दौरा किया।
एक संदेश में, श्री यूनुस ने सभी लोगों से देश की विविधता और एकता की भावना को प्रदर्शित करते हुए, अपने पारंपरिक धार्मिक-सांस्कृतिक रीति-रिवाजों और मान्यताओं के अनुसार पोहेला बैशाख उत्सव मनाने का आग्रह किया।
द डेली स्टार के अनुसार श्री यूनुस ने अपने देशव्यापी संबोधन में कहा कि “कल पहला बैशाख है। यह हमारे सौहार्द का प्रतीक है। हर कोई कल (पहला बैशाख) अपने तरीके से, अपने रीति-रिवाजों का पालन करते हुए मनाएगा। हर कोई इस सार्वभौमिक त्योहार में शामिल होगा।”
उन्होंने कहा कि “मैंने हमेशा कहा है कि हमारी अलग-अलग मान्यताओं, धर्मों और रीति-रिवाजों के बावजूद हम सभी एक परिवार के सदस्य हैं।”
उन्होंने कहा कि इस देश के हिंदू, मुस्लिम, बौद्ध, ईसाई, विभिन्न समुदाय तथा पहाड़ी और मैदानी इलाकों के लोग रहते हैं और कुल मिलाकर, इस देश के लोगों की भाषाएं, संस्कृतियां और परंपराएं विविध हैं।
श्री युनुस का बौद्ध समारोह में भाग लेना बंगलादेश के धार्मिक अल्पसंख्यकों, विशेषकर हिंदुओं के लिए एक स्वागत योग्य कदम है, जो इस्लामी कट्टरपंथियों द्वारा हमेशा लक्षित हमलों का शिकार हो रहे हैं। चकमा लोग मुख्य रूप से चटगांव पहाड़ी इलाकों में रहते हैं और बौद्ध धर्म के अनुयायी हैं। इस्लामी कट्टरपंथियों द्वारा चकमाओं के खिलाफ़ भेदभाव और हिंसा के कई मामले सामने आए हैं।
