
नीमच. गोवंश की वजह से जिला मुख्यालय पर यातायात बाधित और सडक़ हादसे होना आम बात है। स्वयं प्रशासन के जिम्मेदार यह भी स्वीकार कर रहे हैं कि गोवंश पॉलीथिन में भरी भोजन सामग्री खाकर बीमार भी पड़ रहे हैं। इस पर रोक लगाने के लिए नगरपालिका के 18 कर्मचारियों की टीम गठित की गई है। यह टीम कचरा पाइंट में फैली गंदगी में प्रवेश से गोवंश को रोकेगी।
जिला मुख्यालय पर सैकड़ों की संख्या में गोवंश सडक़ों, गलियों, मोहल्लों में खुलेआम विचरण कर रहा है। कलेक्टर हिमांशु चंद्रा की पहल पर एक पखवाड़े तक गोवंश धरपकड़ अभियान चलाया भी गया था। कुछ समय तक इसका असर भी दिखा, लेकिन फिर मुहिम फेल हो गई। नपा अधिकारियों ने भी कलेक्टर के आदेश का एक पखवाड़े तक ही पालन किया। इसके बाद पकड़े गए गोवंश को जुर्माना भरकर पशु पालक छुड़ा भी लाए और फिर से खुले में छोड़ दिया। बीच बीच में यदाकदा औपचारिकता निभाने के लिए कुछ मवेशी पकड़ कर गोशाला में छोड़े भी जाते हैं, लेकिन इसे गंभीरता से नहीं लिया जा रहा है।
नगरपालिका के प्रभारी सीएमओ चंद्रसिंह धार्वे ने इस बात को स्वीकार किया कि शहर में खुलेआम विचरण कर रहे मवेशी कचरा पाइंटों में पहुंचकर वहां फैली गंदगी में से खाने की वस्तुएं तलाशते हैं। मवेशियों को भी यह पता है कि किस समय कचरा फेंकने वाले स्थान पर खाने की सामग्री मिलेगी। उस समय पर बड़ी संख्या में गोवंश वहां पहुंच जाता है। चिंता की बात यह है लोग पॉलीथिन में भरकर जो खाने की सामग्री फेंकते हैं उसे पॉलीथिन सहित मवेशी खा जाते हैं। इससे मवेशी बीमार पड़ रहे हैं। प्रभारी सीएमओ ने इसे गंभीरता से लेते हुए कचरा पाइंट पर जिस समय सबसे अधिक कचरा एकत्रित रहता है और जबतक उसे उठाकर ट्रेंचिंग ग्राउंड पर नहीं पहुंचा दिया जाता तब तक वहां नपा कर्मचारियों की तैनाती करने का निर्णय लिया है। शहर के 18 पाइंटों पर एक-एक कर्मचारी तैनात किया जाएगा। जिम्मेदारी रहेगी के वह मवेशियों को पॉलीथिन खाने से रोके।
खुले में नहीं रहे गोवंश, प्रभावी कार्रवाई
जिला मुख्यालय पर खुले में गोवंश नहीं रहे इसके लिए नगरपालिका की ओर से प्रभावी कार्रवाई की जाएगी। प्रभारी सीएमओ ने नपा अधिकारियों को ग्वालटोली, नीमचसिटी और बघाना क्षेत्र के गोपालकों की सूची तैयार करने के निर्देश दिए हैं। सूची तैयार होने के बाद बैठक आहूत की जाएगी। एक निर्धारित समय दिया जाएगा इसके बाद गोपालक अपने मवेशी खुले में छोड़ेंगे तो उनके खिलाफ वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। जिस प्रकार नगरपालिका परिषद ने पूर्व में शूकरों के रहवासी क्षेत्रों में प्रवेश पर सख्ती से रोक लगाई है। ठीक उसी तर्ज पर गोवंश के प्रवेश पर रोक लगाने की तैयारी है। जिन गोपालकों के पास मवेशी रखने के लिए स्थान नहीं हैं उन्हें गोशालाओं के माध्यम से व्यवस्था बनाना होगी या कोई न कोई रास्ता निकालना ही होगा। गोवंश खुले में दिखाई देने पर नपा की ओर से प्रभावी कार्रवाई करने के संकेट प्रभारी सीएमओ (डिप्टी कलेक्टर व परियोजना अधिकारी) ने दिए हैं।
सूची नहीं बनी
जिला मुख्यालय पर खुले में विचरण करने वाले गोवंश की धरपकड़ के लिए अभियान चलाया जाएगा। इसके पहले गोपालकों की बैठक रखी जाएगी। गोपालकों की सूची तैयार की जा रही है। एक बार बैठक हो जाए इसके बाद प्रभावी कार्रवाई की जाएगी।
– चंद्रसिंह धार्वे, प्रभारी सीएमओ व परियोजना अधिकारी
