लखनऊ, 10 फरवरी (वार्ता) बहुप्रतीक्षित लखनऊ प्रीमियर लीग (एलपीएल) अब उत्तर प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन (यूपीसीए) के दिशानिर्देशों के अनुरूप आयोजित की जाएगी। नए प्रारूप के तहत प्रत्येक फ्रेंचाइजी की 20 सदस्यीय टीम में अधिकतम 18 खिलाड़ी लखनऊ के या लखनऊ में पंजीकृत होकर ट्रायल देने वाले होंगे, जबकि केवल दो खिलाड़ी बाहर के शामिल किए जा सकेंगे। लीग अपने निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार सात मार्च से शुरू होगी।
बीबीडी बैडमिंटन अकादमी स्थित सीएएल मुख्यालय में मंगलवार को आयोजित उच्च स्तरीय बैठक में यह निर्णय लिया गया। बैठक की अध्यक्षता सीएएल अध्यक्ष डॉ. नवनीत सहगल ने की। इस दौरान लीग कमिश्नर एसपी मिश्रा, सीएएल सचिव केएम खान समेत अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे। डॉ. सहगल ने बताया कि यूपीसीए द्वारा यूपीटी-20 लीग के लिए जारी दिशा-निर्देशों के आधार पर ही एलपीएल का संचालन होगा और टीम चयन प्रक्रिया में आवश्यक बदलाव किए गए हैं।
नए दिशा-निर्देशों के अनुसार पूर्व में हुई खिलाड़ियों की नीलामी के आधार पर गठित टीमों में संशोधन किया जाएगा। लखनऊ से बाहर के खिलाड़ियों में से प्रत्येक फ्रेंचाइजी केवल दो खिलाड़ियों को ही रख सकेगी। शेष स्थानों पर पूर्व सूची में शामिल स्थानीय खिलाड़ियों को अवसर दिया जाएगा। जो खिलाड़ी लखनऊ में पंजीकरण कर विभिन्न प्रतियोगिताओं के ट्रायल देते हैं, उन्हें स्थानीय माना जाएगा, जबकि स्थानीय खिलाड़ी यदि अन्य जिले से पंजीकृत हैं तो उन्हें लखनऊ का खिलाड़ी नहीं माना जाएगा।
एलपीएल की संचालन समिति और फ्रेंचाइजी मालिकों के साथ बुधवार को बीबीडी बैडमिंटन अकादमी में बैठक होगी, जिसमें नए प्रारूप की जानकारी दी जाएगी और सुझावों पर विचार किया जाएगा। लीग सात मार्च से केडी सिंह बाबू स्टेडियम में शुरू होगी। उद्घाटन और फाइनल के दिन एक-एक मैच खेले जाएंगे, जबकि अन्य दिनों में दो-दो मैच होंगे। कुल 18 मैचों में छह टीमें हिस्सा लेंगी।
