मालवा- निमाड़ की डायरी
संजय व्यास
विगत दिवस युवा कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष यश घनघोरिया की मौजूदगी में कार्यकर्ताओं ने पार्टी संगठन के एकजुटता अभियान की धज्जियां उड़ा दी. नीमच पहुंचे घनघोरिया के सामने कांग्रेस के ही दो गुटों के बीच भारी बवाल हुआ. स्थिति नारेबाजी के साथ गाली-गलोच, हाथापाई तक पहुंच गई. घनघोरिया के साथ अन्य नेता अकस्मात घटी घटना पर मुंह ताकते रहे. मामला नीमच में आयोजित कांग्रेस स्थापना दिवस कार्यक्रम का है. स्वागत समारोह के बीच पार्टी के जावद विधानसभा अध्यक्ष श्रवण सेन के नेतृत्व में राहुल अहीर, अर्जुन गुर्जर और ऋषि अहीर सहित कई कार्यकर्ता युवा कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष यश घनघोरिया का स्वागत कर उन्हें राजकुमार अहीर के कार्यालय ले जाना चाहते थे.
गत विधानसभा चुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी रहे समंदर पटेल से ताल्लुक रखते नीमच जिला कांग्रेस अध्यक्ष तरुण बाहेती और उनकी टीम को यह सहन नहीं हुआ. उन्होंने इसका खुला विरोध किया. इसपर दोनों गुट आपस में भिड़ लिए और जिस कार्यक्रम को संगठन की मजबूती का संदेश देना था, वहीं अनुशासनहीनता और गुटबाज़ी खुलकर सामने आ गई. उल्लेखनीय है कि बीते चुनाव में जावद विधानसभा से कांग्रेस से टिकट की दौड़ में समंदर पटेल के साथ ही राजकुमार अहीर भी थे, लेकिन कांग्रेस ने पटेल को अपना अधिकृत उम्मीदवार बनाया था. इसके बाद अहीर ने निर्दलीय नामांकन भी दाखिल कर दिया था, पार्टी की समझाइश पर अहीर ने अपना नामांकन वापस ले लिया था. सारे अप्रिय घटनाक्रम के बाद जिलाध्यक्ष बाहेती ने कांग्रेस से निष्कासित राजकुमार अहीर के कहने पर जानबूझकर कार्यक्रम बिगाडऩे की कोशिश के आरोप लगाए. बाहेती इस अनुशासनहीनता के मामले को उपर तक ले जाने की बात भी कर रहे है. ऐसा होता है तो देखते हैं कार्रवाई के शिकार कौन-कौन बनते हैं
अहीर इंतजार करते रह गए
कांग्रेस से निष्कासन झेल रहे राजकुमार अहीर को लग रहा था कि वे प्रदेश युवा कांग्रेस अध्यक्ष यश घनघोरिया को साध पार्टी में स्थापित गलत छवि को धो डालेंगे, उन्होंने अ्पने कार्यालय पर घनघोरिया के स्वागत की पूरी व्यवस्था कर रखी थी. मंच भी सज चुका था, बस प्रतीक्षा घनघोरिया के आगमन की थी, परंतु नीमच कांग्रेस कार्यालय के कार्यक्रम में जिलाध्यक्ष तरुण बाहेती के विरोध स्वरुप हुए घमासान ने सब गुड़-गोबर कर दिया. उन्होंने सोचा नहीं था कि बाहेती उनके आयोजन की खिलाफत करेंगे, एक स्वागत कार्यक्रम ही तो था. आखिर हंगामे के बाद घनघोरिया ने अहीर के कार्यक्रम से किनारा कर लिया. राजकुमार अहीर इंतजार करते रह गए, स्वागत मंच की तैयारियां धरी रह गईं और घनघोरिया अपन रास्ते निकल गए.

मुख्यमंत्री से उम्मीद में केला किसान, बुनकर
बुरहानपुर वासियों की निगाहें इन दिनों मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के दौरे पर टिकी है. स्थानीय केला किसान, बुनकरों को उनसे कई सौगातों की उम्मीद है. समय-समय पर पूर्व मंत्री व क्षेत्रीय विधायक अर्चना चिटनीस इसके लिए मुख्यमंत्री के समक्ष आवाज उठाती रही है. चिटनिस विगत दिनों बुरहानपुर विधानसभा के विभिन्न क्षेत्रों के प्रमुखों को लेकर जनसमस्या निदान, विकास कार्यों और नई सिंचाई योजनाओं के लिए भी मुख्यमंत्री से भोपाल जाकर मिली थीं. जनवरी के प्रारंभिक सप्ताह में मुख्यमंत्री का बुरहानपुर आगमन होगा. जहां अधिकारी इसकी तैयारियों में लगे हैं, वहीं जिले के राजनेता भी सक्रियता दिखा रहे हैं. मुख्यमंत्री बुरहानपुर की नवनिर्मित जनपद एवं तहसील तथा एसडीएम कार्यालय का लोकार्पण और नगर निगम के अनेक निर्माण कार्यों के भूमिपूजन के लिए रहे हैं, परंतु क्षेत्रवासियों की नजर संभावित घोषणाओं पर भी टिकी है .
