
रीवा। कर अपवंचन के मामले में स्टेट जीएसटी एंटी इवेजन ब्यूरो ने रीवा शहर के फोर्ट रोड स्थित सर्राफा बाजार में पृथक-पृथक तीन प्रतिष्ठानों में छापामार कार्यवाही की थी. दो दिन तक चली कार्यवाही के दौरान कर अपवंचन मिलने पर फर्म संचालको ने राशि जमा कराई. एक फर्म ने जहा 22 लाख सरेंडर किये, वही दूसरी फर्म ने 21 लाख रूपया जमा कराया.
उल्लेखनीय है कि कर अपवंचन की शिकायत पर बुधवार की दोपहर जीएसटी एंटी इवेजन ब्यूरो की टीम ने फोर्ट रोड़ स्थित गुप्ता आर्नामेंट हाउस, न्यू गुप्ता गोल्ड पैलेस एवं जीडी एण्ड संस में एक साथ छापामार कार्यवाही की थी. जहा लाखो रूपये की कर चोरी पकड़ी गई और संचालको ने कर अपवंचन की राशि जमा कराई.
संयुक्त आयुक्त राकेश सालवी के निर्देशन पर तीन प्रतिष्ठानो में छापामार कार्यवाही की गई. बुधवार की दोपहर 12.30 बजे से तीनो अलग-अलग फर्म में कार्यवाही शुरू की गई. रात तक कार्यवाही जारी रही और दूसरे दिन गुरूवार की सुबह से पुन: कार्यवाही शुरू की गई. गुप्ता आर्नामेंट हाउस प्रतिष्ठान में सहायक आयुक्त विवेक दुबे के नेतृत्व में कार्यवाही दूसरे दिन रात 10 बजे समाप्त हुई. संचालक प्रोपराइटर संतोष गुप्ता ने 22 लाख सरेंडर किये. इसके साथ ही क्रय विक्रय से जुड़े कच्चे दस्तावेज जप्त किये गये है. जिनका परीक्षण किया जायेगा और उसके बाद अगर कर अपवंचन निकलता है तो राशि जमा कराई जाएगी.इसी तरह दूसरी फर्म न्यू गुप्ता गोल्ड पैलेस में सहायक आयुक्त नवीन दुबे के नेतृत्व में दो दिन तक कार्यवाही चली, जहा रात में प्रोपराइटर राजकुमार गुप्ता द्वारा 21 लाख रूपया जमा कराया गया. इस तरह से दोनो फर्म में कार्यवाही बंद हुई और क्रय विक्रय से जुड़े कच्चे दस्तावेज जप्त किये गये है जिनकी जांच की जाएगी. तीसरी फर्म जीडी एण्ड संस में राज्यकर अधिकारी शैलेन्द्र पाण्डेय के नेतृत्व में तीसरे दिन कार्यवाही खबर लिखे जाने तक जारी रही. उम्मीद है कि शुक्रवार की देर रात तक क्रय-विक्रय की गणना पूरी हो जाएगी. उसके बाद स्पष्ट होगा कि कितना कर अपवंचन मिलता है. अमूमन व्यापारी वास्तविक कारोबार की तुलना में जीएसटी रिटर्न कम फाइल करते हैं, टर्नओवर काफी दिखाया जाता है. पिछले कई दिनो से रीवा में लगातार जीएसटी एंटी इवेजन ब्यूरो की कार्यवाही चल रही है.
