भोपाल। मध्यप्रदेश में बिजली सब्सिडी को लेकर सरकार बड़ा बदलाव करने की तैयारी में है। सवाल ये है कि क्या अब बिजली सब्सिडी सीमित होगी और इसका बोझ किसानों पर आएगा?
दरअसल, एक रिपोर्ट के मुताबिक सरकार बिजली पर दी जा रही भारी सब्सिडी का दायरा सीमित करने के फॉर्मूले पर विचार कर रही है। फिलहाल सरकार बिजली सब्सिडी पर हर साल करीब 25 हजार करोड़ रुपए से ज्यादा खर्च करती है। वहीं, बिजली के बढ़ते दाम का असर सरकार खुद उठाती रही है।
प्रस्ताव के मुताबिक किसानों और अन्य हितग्राहियों को मिल रही राहत को जारी रखते हुए, बढ़े हुए बिजली खर्च का भार सरकार अपने स्तर पर संभालने की तैयारी में है।
रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि किसानों को सस्ती बिजली देने के लिए सोलर सिंचाई पंपों को बढ़ावा देने पर जोर दिया जा रहा है।
लेकिन कांग्रेस का आरोप है कि सब्सिडी सीमित करने की तैयारी के नाम पर सरकार किसानों और आम उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त बोझ डालना चाहती है।
तो क्या बिजली सब्सिडी का फॉर्मूला बदलेगा? सरकार का ये प्रस्ताव राहत देगा या बढ़ाएगा किसानों का बोझ—इस पर अब सियासत तेज है।
