ढाका, 22 दिसंबर (वार्ता) बंगलादेश में जुलाई विद्रोह के लोकप्रिय नेता उस्मान हादी की मौत के कुछ दिनों बाद ही छात्र संगठन नेशनल सिटिजन पार्टी (एनसीपी) के खुलना खंड प्रमुख मोटालेब शिकदर पर सोमवार को ढाका में अनजान लोगों ने गोलीबारी कर दी।
एनसीपी की मजदूर शाखा जतिया श्रमिक शक्ति के प्रभारी 42 वर्षीय शिकदर पर पूर्वाह्न 11:45 बजे गाज़ी मेडिकल कॉलेज के करीब उनके घर पर गोलीबारी हुई।
रिपोर्ट् के अनुसार, हमलावरों ने फरार होने से पहले उनके सिर पर गोली मारी। स्थानीय लोगों ने शिकदर को खुलना मेडिकल कॉलेज में भर्ती करवाया।
पुलिस ने कहा कि फायरिंग के पीछे का मकसद अभी साफ नहीं है और इसमें शामिल लोगों की पहचान अभी होनी बाकी है। पुलिस ने उस जगह की तलाशी ली जहां शिकदर को गोली मारी गयी थी। पुलिस को वहां से ड्रग्स के इस्तेमाल के सबूत और गोली का खोल बरामद किया। पुलिस के मुताबिक, यह घर नवंबर में एक दंपत्ति ने किराये पर लिया था। रिपोर्ट्स में स्थानीय सूत्रों के हवाले से कहा गया कि मोटालेब शिकदर उस घर में आता-जाता रहता था।
गोली लगने के तुरंत बाद दोनों पति-पत्नी छिप गये। किराएदार जोड़े की पहचान करने और उन्हें गिरफ्तार करने की कोशिशें शुरू कर दी गयी हैं। खुलना मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल के डॉक्टरों ने कहा कि गोली शिकदर के सिर में नहीं घुसी, बल्कि उसे छूकर निकल गयी। वह खतरे से बाहर है। पुलिस को शक है कि यह घटना ड्रग्स और औरतों से जुड़े किसी झगड़े या लड़ाई की वजह से हुई होगी।
इससे पूर्व, ढाका के पलटन इलाके में 12 दिसंबर को हमलावरों ने इंकलाब मंच के प्रवक्ता शरीफ उस्मान हादी को गोली मार दी थी। बंगलादेश और फिर उसके बाद सिंगापुर में इलाज के बाद हादी की मौत हो गयी। हादी की मौत के बाद ढाका और बंगलादेश के दूसरे शहरों में बड़े पैमाने पर हिंसा फैल गयी।
इस बीच, बॉर्डर गार्ड बंगलादेश ने शिकदर को गोली लगने के बाद बेनापोल बॉर्डर के कई हिस्सों में निगरानी और तलाश अभियान तेज़ कर दिये हैं ताकि हमलावर सीमा पार करके भारत में न आ सकें। इस गोलीबारी से राजनीतिक हलकों में चिंता फैल गई है, जबकि कानून लागू करने वाली एजेंसियों ने ज़िम्मेदार लोगों को पकड़ने की कोशिशें तेज़ कर दी
सीसीटीवी फुटेज से पता चलता है कि शिकदर शनिवार रात से इसी फ्लैट में रह रहा था। जांच अधिकारी अनिमेष मंडल ने कहा, “घटना के तुरंत बाद, स्थानीय लोग उसे पहले खुलना मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल और फिर सीटी स्कैन के लिये सिटी डायग्नोस्टिक सेंटर ले गये। गोली उसके बाएं कान के पास स्किन में घुस गई। उसका थोड़ा खून बह गया, लेकिन वह बच गया।”
खुलना मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल के पर्यवेक्षक मोहम्मद अख्तरुज्जमां ने कहा, “गोली उनके सिर के बाईं ओर लगी थी। शुरुआती इलाज अस्पताल के सर्जिकल वार्ड के ड्रेसिंग रूम में किया गया।”
